कोलारस - मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस यानि की इसी माह के पहले दिन मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के कार्यक्रम उपरांत कोलारस विधायक, कोलारस एसडीएम, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं वीएमओ से लेकर चिकित्सको की मौजूदगी में आशाओं को रूकने तथा मरीजों के अटेन्डरों को रूकने के नाम पर भवन बनाने की मांग की गई किन्तु किसी भी चिकित्सक ने इनता नहीं कहा कि कोलारस में हार्ड के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। और न ही वी.पी. बडने के बाद ह्रदय की रफ्तार जांचने के लिये ईसीजी मशीन उपलब्ध होने के बाद भी बंद पडी हुई है। आखिर शासन से मिलने वाला बजट तो डकाने की योजना तैयार कर ली जाती है। किन्तु ईसीजी मशीन को चालू कराने के लिये किसी के पास समय नहीं है। हालात यह है। कि मामूली फैक्चर होने, हार्ड में पैन होने, गर्वबती महिलाओं को पीडा होने, दुर्घटना में गम्भीर चोट आने पर रैफर टू शिवपुरी किया जाता है। तो लाखों के बजट से चलने वाले कोलारस स्वास्थ्य केन्द्र से बेहतर सुविधायें तो मरीजों को झोला छाप चिकित्सक देते है। फिर भला लाखों के बजट से चलने वाला कोलारस स्वास्थ्य केन्द्र रैफर टू शिवपुरी का कोलारस के मरीजों भला क्या लाभ ?
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