आवकारी विभाग की मिली भगत से-कोलारस अंचल में 500 कमीशन एजेन्टों ने जमा की 5 करोड़ की अवैध शराब

अवैध शराब परिवहन का पर्दाफाश, 30 पेटी ...

Several Cases Of Alcohol Covered With Para Were Found In The Field ...कोलारस-लॉक डाउन के बीच आवकारी विभाग ने कोलारस परगने के करीब 365 से भी अधिक गांवों में अवैध शराब बेचने वाले करीब 500 से अधिक लोगो से सांठगांठ करके विभिन्न गांव,कोलारस,बदरवास नगर एवं फॉर्म हॉउसों पर 5 करोड़ के आस पास कीमत की शराब का भण्डारण कर लॉक डाउन के बीच अवैध शराब बेचने तथा लॉक डाउन के बाद शराब की दुकान खुलने पर शराब के नये ठेकेदार की तीन माह तक बोनी न हो सके इस उददेश्य से कोलारस परगने में आवकारी विभाग द्वारा लॉक डाउन के बीच अवैध शराब  का भण्डारण जगह-जगह आवकारी विभाग ने ऊची रकम लेकर नये ठेकेदार को भगाने का ठेका आवकारी विभाग के अधिकारियों ने ले लिया है। सूत्रों से जो जानकारी प्राप्त हुृई है। उसके अनुसार कोलारस परगने में अवैध शराब बेचने वाले लोगो के मकान,खेत,नदी,तालाव में कई ट्रक देशी,विदेशी,वीयर का भण्डारण कर रखा है। सूत्रों से जो जानकारी मिली है। उसके अनुसार कोलारस एवं बदरवास के समीप कई खेतों पर बने मकानों में लोडिंग बाहन के द्वारा अवैध शराब का भण्डारण किया गया है। सूत्रोंं ने जो जानकारी दी है। उसमें करीब 1 सेंकडा वह स्थान बताये गये है। जहां पूर्व से शराब की अवैध विक्री की जा रही थी। उन्हीं स्थानों पर आवकारी विभाग के अधिकारियों ने सांठगांठ करके 5 करोड़ कीमत की अवैध शराब का भण्डारण करा रखा है। जहां लॉक डाउन के बाद भी शराब की अवैध विक्री जारी है। अवैध शराब भण्डारण की सीमा इतनी बताई गई है। कि कोलारस परगने में तीन माह तक शराब की विक्री होने पर अवैध भण्डारण खाली नहीं होगा। जिसके चलते लॉक डाउन के बाद आने वाले शराब के नये ठेकेदार की कई माह तक वोनी अथवा विक्री कम होने पर लाहसेंस की फीस के लिये नये ठेकेदार तरसेगे और ठेका छोडकर भी भाग सकते है। इसकी पूरी प्लानिंग आवकारी विभाग की मिली भगत से अवैध शराब भण्डारण के रूप में देखी जा सकती है। 

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