धन्ना सेठ जुटे किराने में लोगो को लूटने में, लोगो के सामने दो वक्त के भोजन के लाले


कोलारस- कोलारस नगर के धन्ना सेठ जोकि व्यापार के माध्यम से किराना सामग्री में कई गुना अधिक दाम बसूल कर लोगो को लूटने में जुटे हुये है। और उन्हीं के भाई फोटो खिचवाने के लिये चंद राशन के पैकेट बांटकर अपने आपको दानवीर कर्ण सिद्घ करने में जुटे हुये है। किराने की सामग्री में कई गुना अधिक भाव लेकर लुटने वालों से प्रशासन कार्यवाही करने की जगह बाजार बंद कराने तथा आम मजदूरों को घरों में कैद करते हुये दिखाई दे जायेगा। किन्तु जो धन्ना सेठ दो गुने दामों पर किराना की सामग्री वेचकर लोगो के साथ खुलेआम लूटमार कर रहे है। ऐसे लोगो पर कार्यवाही ना होना प्रशासन के ऊपर सबालिया निशान अवश्य खड़ा करता है। जिस कोलारस नगर में 30 प्रतिशत लोग मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है। ऐसे लोगो की लॉक डाउन के चलते मजदूरी छिन जाने तथा जनप्रतिनिधियों से लेकर एनजीओ एवं धन्ना सेठों के द्वारा मदद न करने के कारण कोलारस के कई मौहल्लों में हालात इतने खराव हो गये है। कि लोगो के सामने भूको मरने की स्थिति आ गई है। प्रशासन को एनजीओ से लेकर रेडक्रॉस एवं अन्य संस्थाओं के द्वारा बैंक के बाहर पाच सौ रूपये लेने के लिये दिन भर धूप में खड़े होने वालो से लेकर मजदूरों के मौहल्लों में जाकर मदद करनी चाहिये अन्यथा कोरोना से बचाव करने के लिये लॉक डाउन का पालन कराने के लिये मजदूरों को घरों में कैद करने के बदले लोग भूको मरने के चलेते घर के मुखियां आत्म हत्या करने के लिये मजबूर 3 मई तक मजबूर न हो जायें। 

एनजीओ से लेकर कोई भी समाज सेवी नहीं पहुंच रहा है ऐसी मौहल्लों में 
कोलारस- लोग प्रदेश,देश एवं विश्व की चर्चायें न्यूज चैनलों पर खबर देखने के बाद कर रहे है। किन्तु हम बात कर रहे है। विधानसभा मुख्यालय कोलारस की तो यहां 30 प्रतिशत के करीब लोग मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है। बीते 22 मार्च से लॉक डाउन के चलते कोलारस के हजारों मजदूर घर वैठे हुये है। उनके सामने घर चलाने की चुनौती है। कोलारस के जनप्रतिनिधियों से लेकर एनजीओ एवं समाज सेवियों को भी इनके बारे में जानकारी है। किन्तु ऐसे लोगो एवं मौहल्लों में अभी तक कोई भी मदद करने केबल इसलिये नहीं पहुंचा की वहां भीड़ जामा हो जायेगी और लोग राशन तथा खाद्यन के पैकेट लूट कर ले जायेगे। इसी के चलते कोलारस के हजारों लोगों के घर में तीन दिन की खाद्य सामग्री मजूदरी बंद हो जाने के कारण नहीं है। और कोलारस नगर के धन्ना सेठ फोटो खिचवाने के लिये तथा अपने आप को दानवीर कर्ण बनने के लिये हाईवे, स्वास्थ्य विभाग,झूलेवाले,चौराहों पर फोटो खिचवाकर अपने आप को दानवीर सिद्घ करने में जुटे हुये है। हम बात कर रहे है कोलारस नगर के ऐसे लोगो की जिनके सामने दो वक्त का भोजन जुटानें के लाले लॉक डाउन के चलते मजदूरी बंद हो जाने के कारण सामने आ खडे हुये है। ऐसे मौहल्लों में कोलारस नगर के अगरिया मौहल्ला, वीएसएनएल के पीछे फक्कड कॉलोनी,जेल के सामने कॉलोनी, रेल स्टेशन के पास मजदूर, ठररी मौहल्ला, वाल्मीक मौहल्ला,मुक्ती धाम के पास हरिजन मौहल्ला के अलावा कोलारस नगर में कई मौहल्ले ऐसे है। जहां मजदूर निवास करते है। और लॉक डाउन के चलते मजदूरी बंद हो जाने के कारण ऐसे हजारों लोगो के सामने दो वक्त की रोटी जुटाने तक की लाले पडे हुये है। ऐसे लोगों के बीच अभी तक ना कोई जनप्रतिनिधि और न ही कोई संस्था से लेकर धन्ना सेठ पहुंचे है। जिसके चलते अगरिया मौहल्ला एवं उसके पास निवास करने वाले मजदूरों ने बताया की मजदूरी छिन जाने के कारण तीन दिन का राशन पानी भी घर में नहीं है। 

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