दान करने वाले व्यापार संघ की आवरू नीलाम करते कोलारस के कई व्यापारी


कोलारस-कोलारस नगर के लोग बीते 22 मार्च से लॉक डाउन यानि की अपने घरों में कैद है। और लोगो को अपने घरों में कैद होने का दुरपयोग कोलारस के किराना व्यपारी दोगुने दाम में किराना सामग्री बेचकर प्रशासन की आंखों में धूल झौककर आम लोगो के साथ खुलेआम लूट मचा रहे है। एक तरफ जीएसटी टैक्स की चोरी किराना व्यापारियों द्वारा की जा रही है। बिना जीएसटी नम्बर के साधा कागज पर लाखों रूपये की किराना सामग्री बेची जा रही है। साथ ही शासकीय भूमि पर कब्जा करके लॉकडाउन का लाभ उठाते हुये। भीड का लाभ लेकर साधा कागज पर बिल बनाकर किराना सामग्री खुलेआम बेचने का अवैध कारोवार लॉक डाउन के बीच कोलारस नगर में जारी है। 22 मार्च से अपने घरों में कैद लोगों को केवल सुबह के समय आवश्यक सामग्री खरीदने का मौका मिलता है। इस बीच पुलिस के भय के चलते लोगो की किराना दुकानों, सब्जी-फल विक्रेताओं से लेकर दूथ डेयरी पर लोगो की लम्बी लम्बी लाईने बाजार बंद होने तथा पुलिस का भय दिखाकर कोलारस में कई दुकानदार दोगुने दाम तक किराने की सामग्री बेच रहे है। 
कोलारस में बडे पुल के पास बांके विहारी मंदिर की भूमि पर निर्माणाधीन कॉलोनी में शासकीय भूमि पर कब्जा कर राज किराना स्टोर के नाम से किराने की दुकान को राजू भैसा वाले नाम का व्यक्ति चला रहा है। जिसके ऊपर कई आरोप है। जिनमें मुख्य रूप से शासकीय भूमि पर कब्जा कर किराने की दुकान संचालित करने से लेकर बिना जीएसटी यानि की बिना नम्बर के साधा कागज पर प्रतिदिन लाखों की किराना सामग्री बेची जा रही है। इस क्रम में लॉक डाउन के बीच घर के लिये आवश्यक किराना सामग्री लेने पहुंचे घनश्याम बाथम के द्वारा जब राज किराना स्टोर की दुकान से जो किराना सामान खरीदा गया उसमें उदाहरण के लिये तुअर की दाल जिसकी बाजार बंद से पूर्व 80 रूपया प्रति किलो भाव था। जिसका बाजार बंद के बाद 100 रूपया भाव सूची के अनुसार किराना व्यापारियों द्वारा किया गया। उस तुअर की दाल राज किराना स्टोर के द्वारा 3 किलो की कीमत 450 रूपया लगाई गई । यानि की 80 रूपये की 1 किलो दाल 150 रूपया प्रति किलो काला बाजारी कर खुलेआम बेची जा रही है। इतना ही नहीं घनश्याम केबट को दिये गये 2930 रूपये की किराना सामग्री का पर्चा बाजार मूल्य की आज की सूची से मिलान किया जाये तो सभी किराना सामानों में बाजार से अधिक की कीमत खादय सामग्री के आगे देखी जा सकती है। यह सुद्घ रूप में किराना व्यापारी द्वारा लॉक डाउन में शासकीय टैक्स चोरी, शासकीय भूमि पर कब्जा एवं काला बाजारी का मामला राज किराना स्टोर बडे पुल के पास स्पष्ठ रूप से टैक्स चोरी के फर्जी बिल देकर अंधा भी अंदाजा लगा सकता है। फिर भला पढा लिखा प्रशासन क्या बाजार बंद कर सीमित है। इसी तहर का एक अन्य मामला इसी दुकान का रोहित बैरागी द्वारा बताया गया उनके साथ भी इस दुकान दार द्वारा काला बाजारी एवं टैक्स चोरी कर कैची बीडी का पैकेट जिसका बाजार भाव 80 रूपया पैकेट है। जिसे 100 प्रति पैकेट में लॉक डाउन, ग्राहको की भीड एवं पुलिस द्वारा दुकान बंद कराने का भय दिखाकर दिया गया। इस क्रम में बिगत दिनों जब अंकेश कुशवाह चौधरी हार्डवेयर से 10 सीमेन्ट के कटटे खरीदने पहुंचे जिसकी बाजारू कीमत 330 रूपये थी। उन्हें अल्पेश ट्रेडर्स के दुकान संचालक जोकि शासकीय कर्मचारी भी है। अपने भाई एवं रिस्तेदार के नाम से एक ही स्थान पर खाद्य,्रसीमेन्ट, पीना, किराना जैसी दुकाने संचालित करते है। उनके यहां अंकेश कुशवाह जोकि चौधरी हार्डवेयर के यहां से भुगतान लेकर एक ग्राहक को माईसेम सीमेन्ट खरीदने पहुंचे तो उन्हे टैक्स चोरी कर 345 रूपये में माईसेम का सीमेन्ट यानि की 15 रूपया प्रति कटटा बाजार से अधिक दाम पर बेचने की बात कही गई। यानि की कोलारस के बाजार में दुकानदारो द्वारा पहले तो शासकीय भूमि पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण उसके बाद टैक्स चोरी कर काला बाजारी का खुला खेल खुलेआम खेला जा रहा है। देखना है। प्रशासन कार्यवाही करता है। अथवा ऐसे काला बाजारियों के खिलाफ उपभोगक्ता फॉरम में ग्राहकों को जाना पडेगा। 

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