
कोरोना संकट में इंसानी स्वभाव से जुड़े हर तरह के पहलू सामने आ रहे हैं. इस महामारी से जंग में जरूरतमंदों की मदद के लिए हजारों हाथ आगे आ रहे हैं. वहीं कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं जो मानवीयता के उलट हैं.
चेन्नई में मरीजों की सेवा में लगे एक डॉक्टर को चर्च की सीमेट्री में दफनाने से लोगों ने रोक दिया क्योंकि उसकी मौत कोविड-19 से हुई. वहीं ताजा मामले में मध्य प्रदेश के भोपाल में एक शख्स का अंतिम संस्कार उसके बेटे और बाकी घरवालों ने करने से ही इनकार कर दिया. इस शख्स का मौत से पहले कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया था.
शख्स के बेटे और अन्य घरवालों की हिचकिचाहट देखकर एक सरकारी अधिकारी स्वेच्छा से सामने आया और उसका अंतिम संस्कार किया. भोपाल जिला प्रशासन के मुताबिक शुजालपुर के रहने वाले एक शख्स को लकवा मार जाने के बाद भोपाल के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
Tags
मध्य प्रदेश