नदी में बाढ़ के साथ ही मानसून की आहट
खरगोन। जिले में मानसून से पहले ही हो रही बारिश का आलम यह है कि इस जिले की पहाड़ी नदी में बाढ़ तक आ गई है। नदी में बाढ़ आ जाने से मानसून के आगमन का अहसास होने लगा है। जिले में पिछले दो दिन से रूक-रूक कर बारिश का दौर चल रहा है। बीते करीब 18 घंटे से तो सतत बरसात निरंतर ही बनी हुई हैै। जून के पहले सप्ताह में ऐसी बारिश वर्षों बाद हुई है।
जिसके कारण पहाड़ी कुंदा नदी में बाढ़ आ गई है। अच्छी-खासी बारिश होने से अब किसान खेतों में फसलों की बोवनी करने की तैयार करने लगे हैं। खरगोन जिले में सर्वाधिक बारिश सेगांव ब्लॉक में 136 मिमी (साढ़े पांच इंच) हुई है। औसत बारिश का आंकड़ा 77.5 मिमी दर्ज किया गया। उधर, मौसम विभाग ने गुरुवार और शुक्रवार को भी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक खरगोन जिले में पिछले चौबीस घंटों में 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार पानी बरसने से तापमान में भारी गिरावट आई है। मौसम में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी से निजात मिली है। हालांकि की एक तरफ कोरोना का संक्रमण तो दूसरी बार तूफानी बारिश होने से आमजन चिंता में है। प्री-मानसून एक्टीव होने से समूचे जिले में बरसात का सिलसिला आरंभ हो गया।
पहाड़ी क्षेत्र भगवानपुरा और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हुई। इस कारण पहाड़ी नदी कुंदा सहित बरसाती नालों में उफान आ गया। इसके अलावा सेगांव और ऊन क्षेत्र में भी नदियों में पानी आगया है। आमतौर पर इन नदियों में जून के आखिरी अथवा जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश का पानी आता था। लेकिन इस बार जून के आरंभ में नदियों में कल-कल बहते पानी का शोर सुना जा सकता है।
