माता रानी के भिन्न रूपों में नरवर में पसर देवी, कोलारस में वीस भुजी, इंदौर में मरी माता मंदिर के नवरात्रि में दर्शनों का विशेष लाभ
शिवपुरी - जिले के नरवर विकास खण्ड मुख्यालय पर स्थित किले में माता पसर देवी दुर्गा जी की प्राचीन प्रतिमा जोकि लेटे हुये आकार में है। देश विदेश में माता रानी के अनेक मंदिर मौजूद है। जहां माता के अलग-अलग रूप में दर्शन होते है। किन्तु जिले में नरवर के अंदर ऐसा भव्य एवं प्राचीन दुर्गा जी का मंदिर मौजूद है। जहां माता रानी के दर्शन लेटे हुये मुद्रा में होते है। वैसे तो नवरात्रि में माता रानी के सभी रूपो के दर्शन करने का पुन्य लाभ प्राप्त होता है। किन्तु 51 शक्तिपीठ से लेकर माता के भिन्य रूपो के दर्शन करने का विशेष फल प्राप्त होता है। ऐसे स्थानों में इंदौर में मरी माता का मंदिर, कोलारस में वीस भुजी माता का मंदिर, नरवर में पसर देवी माता का मंदिर यह तीनो मंदिरों की एक अलग पहचान एवं ख्याती है। जहां मां दुर्गा अलग ही रूप में भक्तों को दर्शन देती है। जिन रूपों का नवरात्रि के साथ-साथ सप्तमी, चैदश के दिन माता के दर्शन एवं परिक्रमा करने का विशेष फल प्राप्त होता है। नरवर किले में स्थित पसर देवी माता मंदिर के पुजारी पण्डित नागेन्द्र के अनुसार मंदिर में आने से माता के लेटे हुये दर्शन एवं परिक्रमा करने का विशेष फल प्राप्त होता है। साथ ही माता रानी का फोटो में दर्शन करने पर पसर देवी माता लेटे की जगह खड़ी हुई मुद्रा में नजर आती है। नरवर किले में दुर्गा जी के लेटे हुये रूप की एक अलग ही पहचान है। इसके अलावा कोलारस के सुनाज के पास स्थित माता वीस भुजी के दर्शन करने का भी विशेष फल मिलता है। यहां किसी जमाने में डकैत नवरात्रि में घण्टा चड़ाकर माता का अर्शीवाद प्राप्त करते थे। यहां मुगल शासन काल में प्राचीन भव्य मंदिर को तहस-नहस किया गया। जिसके अवशेष यहां आज भी मौजूद है। मंदिर के पुजारी का कहना है। कि नवरात्रि एवं सप्तमी चैदश के दिन यहां भक्तो का विशेष आवा गमन रहता है। एकान्त क्षेत्र में होने के कारण भले ही यहां भक्तों का आना कम हो किन्तु माता रानी की वीस भुजा जिन्हें गिनने के लिये भक्त अक्सर भूल जाते है। प्राचीन मंदिर के अवशेष माता वीस भुजी मंदिर की पुरानी कहानी एवं मुगलो के आतंक की आज भी गवाही देने के लिये मौजूद है। मां दुर्गा के नवरात्रि में भिन्न-भिन्न रूपों के दर्शनों के क्रम में तीसरा नाम प्रदेश के ही इंदौर शहर में स्थित मरी माता के नाम से मौजूद माता रानी के मंदिर का आता है। जहां भक्ति करने एवं दर्शनों से मरे हुये लोग भी जीवित हो जाये करते थे। उसी समय से माता रानी के मंदिर का नाम मरी माता मंदिर के नाम से इंदौर शहर में जाना जाता है।
