मंगलवार को बसंत पंचमी के साथ दिन की सर्दी होगी बिदा

 मंगलवार को बसंत पंचमी के साथ दिन की सर्दी होगी बिदा 

कोलारस - मंगलवार 16 फरवरी को विध्या की देवी मां सरस्वती जी की जयंती है। बसंत पंचमी से दिन की सर्दी बिदा होकर बसंत ऋतु का समावेश होने के साथ बत झड़ प्रारम्भ हो जाती है। यानि की सर्दी ऋतु बसंत पंचमी से बिदा लेते हुये शिवरात्रि तक सुबह शाम की हल्की सर्दी महसूस होती है। जबकि दिन के समय धूप का तेज बड़ जाता है। जिससे फसल पकना प्रारम्भ हो जाता है और सरसों के साथ अन्य फसले पककर कटने की तैयारी में अन्नदाता जुट जाते है। कई दसक पूर्व शरद ऋतु देवठान से प्रारम्भ होकर होलका दहन तक पड़ती थी। किन्तु जंगलों के साफ होने से वर्षा एवं शरद ऋतु के 4-4 में से 2-2 माह घटकर अब शरद एवं वर्षा ऋतु 2-2 माह की रह गई है। होलका दहन में अभी डेड माह का समय शेष है। किन्तु दिन के समय जिस हिसाव से गर्मी पड़ती है । उससे साफ लगता है। कि होली तक दिन के समय घर के बाहर निकलने में परेशानी आना तय है। मंगलवार को बसंत पंचमी के बाद मण्डियों एवं व्यापारियों के गोदामों पर सरसों की फसल विकने के लिये बड़े पैमाने पर आना प्रारम्भ हो जायेंगी। विलम्ब से सही किन्तु फसल के लिये कोलारस परगने में पंजीयन के कार्य प्रारम्भ होने से किसानों को राहत आवश्य मिली है। किन्तु जिस हिसाव से इस बार कम वारिस होने तथा वृक्षों की कटाई से लेकर होलका दहन में करीब 15 दिन लेट होने के कारण होली आते आते लगभग सभी फसलें कटने के लिये तैयार हो जायेंगी। स्वास्थ्य एवं फसल के लिये शरद ऋतु सवसे बडिया मौसम होता है। किन्तु वृक्ष कटने के साथ साथ पर्यावण दूषित होने का प्रभाव है। कि होली के बाद प्रारम्भ होने वाली गर्मी का एहसास बसंत पंचमी से पूर्व ही महसूस होने लगा है ।


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