श्रावण मास के साथ मंदिरों पर झूले महोत्सव रविवार को सम्पन्न, भूजरिया पर्व सोमवार को मनाया जायेगा
कोलारस - रविवार को रक्षावंधन का पर्व सनातन धर्म से जुडे वैष्णव सम्प्रदाय के लोगो ने मनाया रक्षावंधन के दिन बहनों ने अपने भाईयों के माथे पर मंगल तिलक लगाकर रक्षा सूत्र के रूप में राखी बांधकर रक्षा वंधन पर्व मनाया इसी क्रम में मंदिरों पर कहीं तीज तो कहीं एकादशी से प्रारम्भ हुये झूला महोत्सव का समापन भी रविवार को हुआ झूला महोत्सव के क्रम में भगवान विष्णु जी के सभी अवतारो के मंदिरों में झूला महोत्सव श्रावण मास में आयोजित किया जाता है श्रीधाम वृंदावन की तर्ज पर शिवपुरी, कोलारस, बदरवास सहित जिले भर के मंदिरों पर झूला महोत्सव के साथ पदो का गायन भी मंडली द्वारा किया जाता है झूला महोत्सव के साथ -साथ बीते एक माह से भगवान भोले नाथ के मंदिरों पर एक माह से वेल पत्र के साथ श्रावण मास के व्रत उपवास भी रविवार को सम्पन्न हुये कुल मिलाकर धार्मिक मान्यताओं के हिसाव से श्रावण मास भगवान भोले नाथ को वेल पत्र एवं भगवान श्रीकृष्ण के झूल महोत्सव के रूप में पूजन अर्चन के साथ मनाया जाता है।
श्रावण मास की समाप्ति के साथ भादो मास के प्रथम दिवस भुजरिया पर्व मनाया जाता है सोमवार की शाम परिवार की महिलाऐं जलाश्यों के किनारे पहंुच कर भुजरियों को स्नान एवं शेष सामग्री को जलाश्य किनारे छोडने के बाद गेंहू से अंकुरित भुजरियों को महिलाऐं घर पर लाती है उसके बाद घर परिवार के लोग एक दूसरे को भुजरियां देकर आर्शीवाद मांगते है भुजरिया पर्व के दिन छोटे बड़ों को भुजरिया देकर आर्शीवाद प्राप्त करने की वर्षो पुरानी परपरा का निवर्वाहन करते है।