खाद गोदाम से सोमवार को हजारों बोरी खाद किसानों की जगह पहुंचा माफियाओं के पास कालाबाजारी के लिये

हरीश भार्गव कोलारस - कोलारस कृषि उपज मंडी प्रांगण में स्थित खाद गोदाम पर रैक आने के बाद हजारों बोरी डीएपी खाद किसानों को देने के लिये भेजा गया था कोलारस ब्लॉक में सहकारी बैंक घौटाले के बाद सोसाईटियों की जगह खाद गोदाम से ही क्षेत्र के किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध कराया जा रहा है बीते करीब 1 माह से डीएपी खाद जिसकी निर्धारित दर 1200 रू. है जिसमें काला बाजारी कर 1500 से लेकर 1600 तक में किसानों को बेचा जा रहा है काफी शिकायतों के बाद जैसे तैसे कोलारस ब्लॉक के किसानों को काफी परेशानी के बाद सोमवार को खाद मिलने की उम्मीद जागी थी जहां सोमवार को दिन में किसानों को खाद बांटा गया भीड अधिक होने के कारण कई किसानों को मंगलवार को खाद देने की बात गोदाम प्रभारी द्वारा कहीं गई किन्तु जब मंगलवार को किसान डीएपी खाद लेने पहुंचे तो गोदाम खाली था आखिर सोमवार को हजारों बोरी रखे डीएपी खाद के कट्टे एक रात में कहां पहुंच गये यह मामला जांच का विषय अवश्य है क्योंकि एक तरफ किसान डीएपी खाद के लिये करीब 1 माह से चक्कर काट रहा है दूसरी तरफ सोसाईटी की जगह जैसे तैसे कर्ज करके किसान खाद लेने की व्यवस्था करता है और जब सोमवार को कोलारस अनाज मंडी में खाद लेने पहुंचता है तो भीड अधिक होने के कारण गोदाम प्रभारी किसानों से मंगलवार को खाद देने का आश्वासन देता है किन्तु मंगलवार को कोलारस अनाज मंडी का खाद गोदाम खाली मिलता है रातों रात डीएपी की हजारों बोरी किसानों की जगह माफियाओं के गोदाम तक पहुंच जाती है और प्रशासन से लेकर किसी को कानो कान तक खबर नहीं होती आखिर डीएपी खाद जब सोसाईटी एवं शासकीय खाद गोदाम पर भी नहीं मिलेगा तो किसान ब्लेक में 1500 से 1600 रू. में माफियाओं खाद खरीदने के लिये मजबूर होगा गोदाम प्रभारी रजक का फोन कई दिनों से बंद है तथा जिला गोदाम प्रभारी मुकेश पाराशर से भी किसानों का संपर्क नहीं हो पा रहा है ऐसी स्थिति में क्षेत्र के किसानों ने कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी एवं एसडीएम कोलारस बीबीएल श्रीवास्तव से मामले की जांच कराने के साथ साथ किसानों को काला बाजारी से बचाने एवं डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। 


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