मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव सुप्रीम कोर्ट पहुंचा आरक्षण का मामला, शनिवार को सुनवाई

मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव में फिर नया मोड़ आ गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है कांग्रेस नेताओं द्वारा दायर की गई याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है, अब 11 दिसंबर 2021 शनिवार को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा।

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर अब तक की सबसे बड़ी जानकारी सामने आई है दरअसल कांग्रेस नेताओं द्वारा दायर की गई याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट कल यानि की शनिवार को इस मुद्दे पर सुनवाई करेगा बता दें कि कांग्रेस नेताओं सैयद जाफर और जया ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन दाखिल की थी इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था  सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका स्वीकार करने के बाद कांग्रेस को उम्मीद है कि पंचायत चुनाव पर रोक लग सकती है ।


हाईकोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया  जिसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को राहत देते हुए याचिका स्वीकार कर ली है सुप्रीम कोर्ट अब कल यानी कि शनिवार को मामले की सुनवाई करेगा । कांग्रेस प्रवक्ता सैय्यद जाफर का कहना है कि हमारी याचिका पर कल बहस होगी । इस याचिका में हमने मध्य प्रदेश सरकार के तुगलकी फरमान को चुनौती दी है जिसमें बीजेपी की सरकार ने 2019 के परिसीमन और आरक्षण को समाप्त करते हुए 2014 के परिसीमन और आरक्षण को यथावत रखा है  सुप्रीम कोर्ट से मांग है कि पंचायत चुनाव नियमानुसार रोटेशन के आधार पर कराए जाएं ।

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