इस ओलावृष्टि के बीच कई घरों में चूल्ह नहीं जलाया गया किसमें आदिवासी वर्ग में सर्व अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है इसी बीच आदिवासी बस्तियों में सरपंच गोलू यादव बडैरा द्वारा लोगो को भोजन के पैकेट बटे गये।
कोलारस विधानसभा के किसानो पर इस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बिन मौसम हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की बुरी तरह कमर तोड़कर रख दी है। जिन किसानों की फसल बर्वाद हुई उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुँचा है बीते कुछ सालों से किसानों के ऊपर प्राकृतिक आपदा भारी पड़ रही है और उनकी फसल बर्वाद हो रही है। अगर फसल हो भी रही है तो मुनाफा उतना अधिक नहीं निकल पा रहा है। वहीं पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की पूरी तरह कमर तोड़ दी है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ़ नज़र आने लगी है किसानों ने बताया कि पिछली बार सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी वहीं इस बार फिर से ओलावृष्टि व बारिश ने किसानों की फसल बर्वाद कर दी है। बीते दिनों कोलारस, बदरवास, रन्नौद क्षेत्र में ओलावृष्टि व बारिश होने के कारण कई गांवों के किसानों की फसल तो पूणतः बर्वाद हो गई है।