कोलारस - कोलारस परगने के अंतर्गत आने वाले बामौर में क्रेशर उद्योग गिट्टी माफियाओं की काली कमाई का केन्द्र बना हुआ है जिसका एक उदाहरण पूर्व एसडीएम आशीष तिवारी की वह कार्यवाही जिसमें केवल तीन क्रेशरों पर करोड़ रूपये का जुर्माना लगाया गया क्रेशर उद्योग की कहानी प्रशासन से छिपी नहीं है क्रेशर उद्योग के लिये लीज यानि की आवंटित भूमि से कई गुना अधिक बन विभाग की भूमि क्रेशर माफियाओं ने रातों रात अवैध रूप से विलास्टिंग कर रिजर्व फोरेस्ट की भूमि खोद डाली है इतना ही नही खदानों से क्रेशर तक आने वाले पत्थर एवं डम्फरों में भर की बिकने के लिये जाने वाली गिट्टी की रॉल्टी चोरी बामोर क्रेशर पर आम बात है इसके अलावा ग्राम बामौर जहां क्रेशर से निकलने वाली डस्ट के कारण लोग बीमारी का शिकार हो रहे है एवं ब्लास्टिंग के कारण ग्राम बामौर के कई मकानों में दरार आने से लेकर छति ग्रस्त तक हो चुके है कुल मिलाकर बामौर गिट्टी माफियाओं के लिये वन विभाग, राजस्व विभाग, खनिज विभाग मिलकर करोड़ों का राजस्व चूना रॉल्टी के रूप में लगा रहे है यदि बामौर क्रेशर से लगे हुये वन विभाग एवं राजस्व विभाग की भूमि से खोदे गये पत्थर की माप करा ली जाये तो लाखों में नहीं बल्कि सैंकड़ों करोड़ का बड़ा घोटाला ऊजागर हो सकता है।
बामोर में क्रेशर संचालक कर रहे हैं अवैध खनन, बिना रॉयल्टी के हो रही है गिट्टी सप्लाई
बदरवास जनपद क्षेत्र के ग्राम बामोर में क्रेशर संचालकों द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन कराए जाने का कारोबार जोरों से चल रहा है क्रेशर संचालक बेखौफ होकर शासकीय भूमि से अवैध पत्थर खनन कर गिट्टी निकाल रहे हैं अवैध रूप से निकाली जा रही गिट्टी से शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है लेकिन क्रेशर संचालकों पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई क्रेशर संचालक जिम्मेदार अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके शासकीय भूमि पर एवं नाले पर अवैध उत्खनन कर रहे हैं प्रशासन के ढुलमुल रवैए के चलते खनन माफिया शासन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं खनन माफिया लगभग 90ः शासकीय भूमि को खोद चुके हैं अंचल के ग्राम बामोर बारई,धामनटूक, गर गटू, धुआई, के आदिवासियों की पट्टे की जमीन पर भी अवैध उत्खनन कराया जा रहा है क्रेशर मालिकों द्वारा आदिवासियों एवं अन्य लोगों की पट्टे या कब्जे वाली शासकीय भूमि पर एक दो लाख का लालच देकर खाली करा लेते हैं अगर कोई नहीं मानता है तो उसे धमकी देकर शांत करा देते हैं शासकीय पट्टे की जमीन पर कब्जा करने के बाद माफिया अधिकारियों से सांठगांठ कर अवैध उत्खनन शुरू कर देते हैं इन दिनों माफिया दिन रात खुदाई कराकर पत्थर निकाल रहे हैं अवैध उत्खनन के कारण उपजाऊ जमीन भी नष्ट हो गई है
क्रेशर की उड़ती धूल से ग्रामीणों का सांस लेना हो रहा है मुश्किल- क्षेत्र के ग्राम बामोर में आधा दर्जन से अधिक स्टोन क्रेशर प्लांट संचालित हैं इन प्लांटों में सरकार के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं स्थानीय प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है बदरवास तहसील मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर लगे क्रेशर प्लांट बामोर के लोगों के लिए बीमारी की देन बने हुए हैं प्रदूषण विभाग के नियमों को ताक पर रखकर क्रेशर का संचालन हो रहा है ग्रामीणों ने बताया कि बामोर के क्रेशर प्लांट में ना तो बाउंड्री वॉल है और ना ही पेड़ पौधे पानी का छिड़काव भी नहीं होता है फिर भी यह क्रेशर नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों के आशीर्वाद से चल रहे हैं ग्राम बामौर के शासकीय स्कूल से चंद दूरी पर लगे क्रेशर प्लांटों की उड़ती धूल से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की जिंदगी खतरे में है क्रेशर की उड़ती धूल सबसे पहले गांव के स्कूल में पहुंचती है क्योंकि स्कूल और क्रेशर प्लांट की दूरी बहुत ही कम है ग्रामीणों ने क्रेशर की उड़ रही धूल को बंद कराने प्रशासन से मांग की हैप्