मध्यप्रदेश शासन द्वारा लगातार दो दिनों के अंतराल पर पंचायत चलाने के लिये दो आदेश जारी कर लोगो को भ्रम में डाल दिया है लोग समझ नहीं पा रहे कि आखिर पंचायत का मुखिया कौन होगा क्योंकि बीते सप्ताह जहां ओबीसी को छोड़कर शेष पंचायतों पर चुनाव होने की स्थिति के चलते प्रदेश में भर में हजारों लोग सरपंच बनने का सपना देख रहे थे सुबह होते ही उन्हें सरकार के आदेश के माध्यम से पता चला कि पंचायत चुनाव टाल दिये है सरपंच बनने का सपना पाले बैठे प्रदेश भर के हजारों लोगो के करोड़ों रूपये सरकार के एक आदेश से पानी में वह गये उसके बाद सरकार द्वारा पीसीओ यानि की जनपद के कर्मचारी को ही पंचायत का मुखिया बनाने का निर्णय लिया उसके चंद दिन बाद यानि की 4 जनवरी को सरकार ने आदेश दिया कि पूर्व सरपंच यानि की प्रधान ही गांव के मुखिया प्रधान के रूप में कार्य करेंगे आदेश के 24 घण्टे के अंदर 5 जनवरी को सरकार द्वारा नया आदेश जारी किया कि गांव के मुखिया प्रधान नहीं बल्कि पीसीओ यानि की जनपद के कर्मचारी पंचायतों की संख्या के अनुसार एक पीसीओ एक दर्जन के करीब पंचायतों का सरपंच, प्रधान के रूप में सचिव, रोजगार सहायक के साथ मिलकर चुनाव होने या अन्य आदेश तक कार्य करेंगे सरकार द्वारा बीते दो दिनों में दो आदेशों के बाद बेचारे सरपंची का चुनाव लडने में लाखों रूपया गवाने वालों से लेकर प्रधान अब यही कहावत कहेंगे कि हम तो दोई दीन से गये क्योंकि न सरपंच बन पाये और न ही पूर्व प्रधान काविज हो पाये बिना चुनाव लड़े पीसीओ एक साथ कई पंचायतों के मुखिया बन बैठे सरकार के आदेश से लोग भ्रम में है आखिर सरकार क्या कर रही है पंचायत चुनाव अपने लाभ के लिये मजाक बनाकर रख दिया है।
म.प्र.शासन ने फिर से सरपंचो के अधिकार वापस लिये कल शाम को हुआ आदेश पीसीओ व सचिव संभालेगें व्यवस्था
मध्यप्रदेश मे ग्राम पंचायत के सरपंच (प्रधान) को फिर से चार्ज देने का आदेश 4 जनवरी को शासन द्वारा आदेश जारी किया था, जिसमें कई लोगो ने विरोध प्रदर्शन किया जिसमें कहा गया की पूर्व सरपंचो को अगर अधिकार दिया गया तो पक्ष विपक्ष करेंगे और पंचायत चुनाव हो रहे थे तो उसमें सब सामने नजर आ गये थे और जनता के कार्य मे बाधा उत्पन्न करेंगे इसलिये पूर्व सरपंचो का प्रधान न बनाकर उनसे चार्ज वापस लिया जाय यह बात सिहोर जिले के तमाम ग्राम पंचायते के ग्रामीण जनो ने आपत्ति जाहिर की थी, सरकार ने मांग उनकी मान ली है, ग्रामीण व पंचायत विभाग ने फिर से पंचायत समन्वयक अधिकारी (पीसीओ) और पंचायत सचिव को ग्राम पंचायत के विकास का जिम्मा दिया गया है।
Tags
मध्यप्रदेश