संसार से आस कामना का रूप लेती है - नंदिनी भार्गव

कोलारस - कोलारस के रन्नौद क्षेत्र के ग्राम धंधेरा मै श्री हनुमान जी के मंदिर पर चल रही श्री मद् भागवत कथा में पंडित श्री बासुदेब नंदिनी भार्गव ने महाभारत की कथा का श्रवण कराते हुए कहा की अधर्म चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो जाए पर अस्तित्व सदैव धर्म का ही रहता है कौरव कितने भी शक्तिशाली भले हो लेकिन जो ख्याति पांडवों की है बह कभी कौरवों की नही हो सकती ,धर्म मैं समस्याएं भले कितनी भी आए पर स्थापत्य हमेशा धर्म का ही रहता है एक संकेत यह भी दिया है इस कथा में कि द्रोपदी पहले अपने पतियों से रक्षा के लिए कह रही थी लेकिन कोई उनकी सहायता न कर सका लेकिन संसार से मुंह मोड़ कर द्रोपति ने कृष्ण को बुलाया तो भगवान तुरंत आ गए अतः आस संसार से हो तो कामना का रूप लेती है, और बही कृष्ण से हो तो प्रेम बन जाता है साथ ही भगवान के अवतारों एवं व्यासजी नारद जी संवाद पर भी प्रवचन नंदिनी भार्गव द्वारा दिए गए।


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