भोपाल लोकायुक्त पुलिस ने विद्युत यांत्रिकी विभाग के स्थापना प्रभारी जीके पिल्लई को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। दरअसल, जिस महिला ने विभाग में 38 साल नौकरी की, उसी विभाग के अफसर पिल्लई ने महिला की मौत के बाद बेटे से जीपीएफ क्लीयरेंस के लिए 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। घूस नहीं मिलने पर बेटे का काम नहीं करने की धमकी भी दी।
जवाहर चौक निवासी सिद्धार्थ सक्सेना ने लोकायुक्त को पिल्लई की शिकायत की थी। इसमें उसने मां की मौत के बाद जीपीएफ के भुगतान करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। सक्सेना ने शिकायत में बताया कि उनकी मां नीना सक्सेना कार्यालय कार्यपालन यंत्री विद्युत यांत्रिकी कोलार रोड भोपाल में ट्रेसर के पद पर कार्यरत थी। जून माह में उनका निधन हो गया। उन्होंने बताया कि उसकी मां ने सर्विस रिकॉर्ड में उन्हें ही नॉमिनी बनाया है। उन्होंने अपनी मां के जीपीएफ और अन्य लाभों के भुगतान का आवेदन किया। इसके भुगतान के लिए विभाग का स्थापना प्रभारी जीके पिल्लई 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त के सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 10 सदस्यीय ट्रेप बनाया गया। ट्रेप दल ने जीके पिल्लई को एमपी नगर मिलन रेस्टारेंट में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।
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