तहसीलदार के रूप में ज्योति लाक्षाकार, नायब तहसीलदार के रूप में राजेन्द्र जाटव को मिली जिम्मेदारी - Kolaras


नई जिम्मेदारी ज्योति लाक्षाकार को कोलारस तहसीलदार के रूप में मिली है 

कोलारस - कोलारस तहसील की कमान दिलीप द्विवेदी के बाद अब ज्योति लाक्षाकार को मिलना तय हो गया है चुकी इसी जिले की पिछोर तहसील में नायब तहसीलदार के रूप में यह अपनी सेवा दे रही थी इस कारण कोलारस इनके लिये नया नहीं है इसी क्रम में नायब तहसीलदार के रूप में राजेन्द्र जाटव को कोलारस तहसील की जिम्मेदारी मिली है।

अब देखना ये है कि ज्योति लाक्षाकार खुद की कार्यशैली से कहाँ तक कोलारस के आम जन को राहत दे सकती है साथ ही नायब तहसीलदार राजेन्द्र जाटव अपनी कार्यषैली से आम लोगो तक शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना सकते है।

एक अरसे बाद मिलते है नवनीत शर्मा और दिलीप द्विवेदी जैसे राजस्व अधिकारी

सूखा राहत में नवनीत शर्मा ने और राजस्व अभियानों में दिलीप द्वेवेदी ने किया दिन रात काम

कोलारस में बैसे तो अनेक तहसीलदारों ने कोलारस में तहसीलदारी की किंतु उनकी कार्यशैली जनता और किसानों को रास नही आई दस साल पहले तहसीलदार नवनीत शर्मा ने रात दिन काम कर सूखा राहत के काम को अंजाम देकर किसानों के चेहरों को खुश कर दिया था साथ ही उस समय राजस्व रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने में भी खासी मेहनत की और राजस्व अमले को भी मार्गदर्शन दिया वर्तमान में वे घाटीगांव तहसीलदार के रूप में अपनी सेवाये दी रहे है वही महिला तहसीलदार के रूप में मधुलिका तोमर की कार्यशैली सराहनीय रही किंतु कुछ ही समय वे कोलारस सेवा दे सकी और ग्वालियर बदली हो गई।

विगत 3 माह से नायब तहसीलदार दिलीप द्विवेदी कोलारस को राजस्व की सेवाएं दे रहे थे उनकी मेहनत इस कारण भी काफी हो रही थी कि तहसीलदार का भार भी उनके हाथों में था साथ ही तीन सर्किल की बड़ी जबाबदेही एक ही व्यक्ति के कंधों पर थी नायब तहसीलदार दिलीप द्विवेदी ने तीन माह में राजस्व के अनेकों मामले निराकरण कर दिए विचाराधीन मामलों सहित राजस्व अभियान में भी सेकड़ो मामले दिन रात काम कर हल किये जा रहे है किंतु इनका भी स्थानांतर रायसेन हो गया है अब कोलारस को इनका विकल्प मिलना मुश्किल लग रहा है ऐसे अधिकारियों को कोलारस हमेसा याद रखेगा।


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