कोलारस - जिस प्रकार शराब से लेकर तम्बाकू एवं नशीले पदार्थो पर अंकित होता है कि इनके इस्तमाल से जानलेवा बीमारी हो सकती है उसी प्रकार सरकार को चाहिये कि वह नशीले पदार्थो की तरह डीजे एवं तेज आवाज के भांगडों पर प्रतिवंध लगाये अथवा उन पर भी सावधानी के वोर्ड अंकित होना चाहिये शादी विवाह में नशे के आदि युवक डीजे की धुन पर नाचते है उनको यह पता नहीं होता कि डीजे से उनके हार्ड की रफ्तार कई गुना बड़ चुकी है इनमें से जो अन्य बीमारियों के शिकार होते है उन्हें हार्ट अटैक अथवा अन्य गम्भीर बीमारी हो जाती है लोगो को डीजे से बचने के लिये शादी विवाह में शहनाई का उपयोग अथवा डीजे से कम से कम 100 गज की दूरी बनाकर चलना चाहिये बरना डीजे की तेज ध्वनि अधिक उम्र के अथवा पूर्व से बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचा रहे है ऐसे एक नहीं बल्कि अनेक उदाहरण देखने को मिल जायेगे सरकार जब तक इस गम्भीर विषय पर कोई ठोस निर्णय लेगी तब तक हम सबको जागरूक होने की आवश्यकता है हम अपने यहां होने वाले कार्यक्रमों में डीजे से दूरी बनाकर रखे साथ ही डीजे के स्थान पर शहनाईया का उपयोग करें पुलिस को भी न्यायालय के आदेश के पालन मेें बारात अथवा शादी विवाह घरों में रात्रि 10 बजे के बाद बजने वाले डीजों को जप्ति में लेकर कानूनी कार्यवाही करनी चाहिये।
डीजे है हार्ट अटैक का कारण - मांगलिक कार्यक्रमों में बनाये 100 गज की दूरी बरना पहुंच जायेगे अस्पताल - Kolaras
byThe Today Times
-