विद्या और वीरता के उत्सव पर वीणापानी और नेताजी को किया याद
दिनेश झा बदरवास - बसंत पंचमी एवं महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती एक ही दिन होने के अवसर पर शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल बदरवास में भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायी संयुक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ज्ञान, संस्कृति के साथ देशभक्ति शौर्य का अनोखा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुआ सरस्वती वंदना शिक्षिका शशि गुप्ता ने और राष्ट्रभक्ति गीत बसंती मिंज ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में बोलते हुए शिक्षक गोविन्द अवस्थी ने कहा कि आज एक तरफ बसंत पंचमी पर ज्ञान,बुद्धि,विद्या की देवी माता सरस्वती का प्राकट्य दिवस है तो दूसरी ओर भारत माता के अमर सपूत सुभाष चंद्र बोस की जयंती भी है बसंत पंचमी हमें ज्ञान और सृजनशीलता का संदेश देती है वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हमें राष्ट्रप्रेम, त्याग,बलिदान और देश के प्रति समर्पण का भाव जागृत करती है। माता सरस्वती की कृपा से ही सुभाषचंद्र बोस को प्रखर बुद्धि मिली और वे विद्वान होकर महान राष्ट्रभक्त बने। उनके नारे "जय हिंद" और "तुम मुझे खून दो में तुम्हें आजादी दूंगा" आज भी जोश भरने का काम करते हैं। शिक्षिका डॉ ममता यादव ने कहा कि यह पर्व प्रकृति में नई ऊर्जा, उल्लास और सकारात्मकता का संचार करता है, जो विद्यार्थियों को अध्ययन, अनुशासन और संस्कार के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। शिक्षक कपिल परिहार ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन संघर्ष, अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण महत्वपूर्ण रहा।
नेताजी ने अपने शौर्य पराक्रम से अंग्रेजों को भागने पर मजबूर कर दिया था।शिक्षक शैलेंद्र भदौरिया और दलवीर सिंह ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे कार्यक्रम का संचालन शिक्षक राजेश मिश्रा ने तथा आभार प्रदर्शन उदयसिंह ने किया।
इस अवसर पर कनक कुशवाह,महेंद्र कुशवाह,हरवीर यादव, निर्मला शर्मा,हितेंद्र कुशवाह,नावेद अली,दीपिका चतुर्वेदी,बलराम परिहार सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
