मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है बीते 24 घंटों में प्रदेश के 42 जिलों के 112 शहरों में बारिश दर्ज की गई, जबकि 14 जिलों में ओलावृष्टि हुई इस बदलाव से जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं आंधी-बारिश और ओलों ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और जबलपुर समेत अधिकांश जिलों में बारिश दर्ज की गई धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में सबसे अधिक करीब पौन इंच वर्षा हुई बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह सहित कई स्थानों पर आधा इंच या उससे अधिक पानी गिरा मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
14 जिलों में ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान
मंदसौर, शिवपुरी, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर जिलों में ओले गिरे ओलावृष्टि और तेज हवा के कारण गेहूं, चना, सरसों और मक्का की फसलें प्रभावित हुईं। पांढुर्णा में संतरे की फसल को नुकसान पहुंचा, जबकि धार और खरगोन में केले और पपीते की फसलें जमीन पर गिर गईं।
आंधी ने बढ़ाया असर, आगर में 74 किमी/घंटा रफ्तार
तेज हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए आगर-मालवा में सबसे तेज 74 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। सीहोर में 54 किमी, बड़वानी और नरसिंहपुर में 46 किमी तथा अलीराजपुर में 43 किमी प्रति घंटा की रफ्तार दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, सागर और जबलपुर में भी 35 से 40 किमी प्रति घंटा की तेज हवाएं चलीं।
तापमान में गिरावट, पचमढ़ी सबसे ठंडा
सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के असर से बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री की कमी आई है। पचमढ़ी 12.6 डिग्री के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि भोपाल में 16.6 और इंदौर में 15 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।