कोलारस - कोलारस कहने को शिवपुरी जिले का विधानसभा मुख्यालय कहलाता है किन्तु कोलारस की तुलना यदि जिले की अन्य विधानसभाओं से करें तो डेवलपमेंट यानि की लोगो को मिलने वाली मूल भूत सुविधाओं के मामले में कोलारस की तुलना शिवपुरी जिले की 05 विधानसभाओं में से शिवपुरी, करैरा, पिछोर के बाद कोलारस विधानसभा चौथे नम्बर पर दिखाई देती है।
बीते कुछ वर्षो से कोलारस विधानसभा सीट सामान्य होने के बाद कोलारस विधानसभा मुख्यालय से कई गुना अधिक विकास ग्राम पंचायत खतौरा का हुआ है विकास के साथ - साथ व्यापार भी खतौरा क्षेत्र का बड़ा है आने वाले समय में कहीं विजरौनी की तरह कोलारस ग्राम पंचायत और खतौरा विधानसभा मुख्यालय बन जाये तो कोई बड़ी बात नही होगी यह हम नहीं बल्कि कोलारस क्षेत्र के ऐसे कई विन्दु है जो कोलारस विधानसभा मुख्यालय को ग्राम पंचायत के सम कक्ष दिखाई देते है।
शांत जनता, मौन नेताओं के कारण कोलारस विकास के मामले में काफी पीछे - कोलारस कहने को विधानसभा मुख्यालय है यहां से देश को जोड़ने वाले दो बड़े हाईवे एवं गुना शिवपुरी जाने के लिये सिंगल रेल मार्ग मौजूद है किन्तु जब बात मूल भूत सुविधाओं की आती है तो मूक-बाधिर जनता एवं नेताओं की लचीली शैली के कारण कोलारस विधानसभा मुख्यालय खतौरा से भी पीछे दिखाई देता है इसके एक नहीं बल्कि 10 कारणों से हम आपको बताते है
1 - खेल का मैदान खतौरा में है - कोलारस में नहीं।
2 - एडीजे न्यायालय जिले में तीन है किन्तु - कोलारस में नहीं।
3 - शहर से होकर गुजरने वाले मार्ग वनवे तथा सुन्दर अन्य तहसीलों में है किन्तु - कोलारस में नहीं।
4 - पर्यटक एवं पार्क अन्य सभी विधानसभाओं में है किन्तु - कोलारस में नहीं।
5 - कोलारस में हाईवे को जोडने वाले मार्ग तथा स्टेषन मार्ग पर तेज रफ्तार में कार चलाने पर दुर्घटना तय
6 -जिले मेें अन्य विधानसभाओं में सिविल चिकित्सालय तथा पर्याप्त चिकित्सक मौजूद है किन्तु - कोलारस में नहीं।
7 - महाविधालय में अन्य महाविधालयों में सभी विषय उपलब्ध किन्तु - कोलारस में न तो विषय, न प्राचार्य और न ही भवन अध्ययन लायक है।
8 - रोजगार के लिये कोलारस के पास लगने वाला एक मात्र उद्योग पड़ोरा की जगह शिवपुरी के नजदीक तेंदुआ में स्थापित होने से कोलारस के वेरोजगारों के साथ भेद भाव किया गया।
9 - कोलारस विधानसभा मुख्यालय से भी अधिक ट्रेनो के स्टॉपेज रूठयाई एवं बदरवास में।
10 - एक मात्र नदी पर स्टॉप डेम न होने से गर्मियों में पीने के पानी तक की समस्या से जुझते कोलारस क्षेत्र के लोग।
सिंधिया के पत्र पर रेल मंत्रालय का त्वरित निर्णय, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से किया गया था आग्रह
उज्जैनी एक्सप्रेस के कोलारस पर ठहराव से क्षेत्र के यात्रियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से अशोकनगर और कोलारस क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है रेल मंत्रालय ने 12 मार्च को अशोकनगर में सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस (19801/02) तथा कोलारस में उज्जैनी एक्सप्रेस (14309/10) के स्टॉपेज को स्वीकृति दी है यह निर्णय क्षेत्र के यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएगा यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट कर साझा की है।
पत्र पर त्वरित कार्रवाई
विदित रहे कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने 26 फरवरी 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अशोकनगर और कोलारस में इन ट्रेनों के ठहराव की आवश्यकता को रेखांकित किया था उनके इस पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने दोनों स्टॉपेज को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को सीधी और बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी।
अशोकनगर में सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस और कोलारस में उज्जैनी एक्सप्रेस के ठहराव से क्षेत्र के यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी इससे न केवल दैनिक यात्रियों, छात्रों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
रेल मंत्री के प्रति सिंधिया ने व्यक्त किया आभार
इस बड़ी सौगात पर सिंधिया ने केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सुविधा मोदी सरकार के लिए सर्वोपरि है और सभी मंत्रालय एक साथ मिलकर Whole of Government अप्रोच के साथ कार्य कर रहे हैं उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय अशोकनगर और कोलारस की जनता के लिए बड़ी राहत और सुविधा लेकर आएगा तथा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
