थोक एवं बड़े व्यापारी बेच रहे राजश्री, सागर, तानसेन गुटखा को ब्लैक में, कलेक्टर, जीएसटी, इनकम टैक्स अधिकारियों से की जांच की मांग - Shivpuri





बृजेश पाठक द्वारा  शिवपुरी - भारत सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को बजट पेश सरकार एवं जनहित में किया था जिसमें तंबाकू सिगरेट आदि अनेक जिंसों पर टैक्स बढ़ाने की  वात रखी थी।

लेकिन कंपनियों ने अभी तक कोई ऐलान नहीं किया ना ही कोई रेट लिस्ट सार्वजनिक  की इसके बाद भी शिवपुरी जिला मुख्यालय एवं अन्य तहसील स्तर के बाजारों में देखने में आ रहा है प्रशासन की अनदेखी, व्यापारियों से तालमेल के चलते बड़े थोक व्यापारी एवं एजेंसी मालिक छोटे दुकानदारों एवं ग्राहकों को दिनदहाड़े ब्लैक में अनेक सामान बेच रहे हैं । 

जब ग्राहक थोक व्यापारी से पूछता है की इतनी रेट कैसे हो गई तो एजेंसी संचालक एवं बड़े व्यापारी बोलते हैं की माल बाजार में नहीं है और खपत अधिक है इसलिए आपको अधिक दाम में लेना पड़ रहा है आपको माल हमारे रेट पर लेना है तो लो, अन्यथा यहां से चलता बानो।

सूत्रों पर विश्वास किया जाए तो करैरा एजेंसी संचालक झांसी उत्तर प्रदेश या अन्य शहर में माल भेज रहे हैं इतना ही नहीं करैरा के एक दो व्यापारियों के पास करोड़ों रुपए की राजश्री तथा अन्य किराने का समान है जिसका कोई पक्का बिल नहीं है अधिकारियों को शीघ्र ही करैरा नगर परिषद क्षेत्र की सीमा में पल रहे अवैध व्यापार कारोबारी पर न कील कासना चाहिए।

हमारे संवाददाता को अनेक ग्रामीणों ने बताया की सिगरेट, राजश्री गुटखा की रेट तो लाक ड़ांऊन से अधिक हो चुकी है पहले ₹40 में बिकने वाली राजश्री का बंडल पहले 320 रुपए में मिलता था आज वही बंडल 370 रुपए में, 20 वाली राजश्री का बंडल पहले ₹225 में और वर्तमान में 285,290 में इसी प्रकार ₹10 में बिकने वाली राजश्री का पैकेट पहलै बंडल 185 में मिलता था ,वर्तमान में ₹220 मूल्य ब्लैक में खुखघा व्यापारी रखे हुए बेच रहे हैं उदाहरण के तौर पर समय आने पर तमाम प्रूफ प्रस्तुत किए जा सकते हैं। 

शिवपुरी शहर के बाजार अलावा करैरा तहसील मुख्यालय नगर परिषद क्षेत्र, और सिरसौद, अमोल, दिनारा , पिछोर नरवर, बदरवास, कोलारस आदि तहसीलों के ग्राहक एवं छोटे दुकानदार एक साथ मिलकर जीएसटी इनकम टैक्स, सेल टैक्स बा जिलाधीश महोदय से मांग करते हैं, की अति शीघ्र शिवपुरी जिले के प्रत्येक तहसील कस्बा  के बाजारों में छापा मार करवाई ईमानदार एवं निष्पक्ष अधिकारियों से करवाई जाए जिससे अनैतिक रूप से कमाने वाले खुघा व्यापारियों पर कार्रवाई हो सके और शासन के टैक्स की हो रही चोरी बच सके याद रहे 99%कोई भी बड़ा व्यापारी या एजेंसी संचालक छोटे दुकानदार या ग्राहक को पक्का बिल नहीं देते। 

इससे संदेह है कि निश्चित रूप से प्रशासन से मिलकर यह व्यापारी सरकार के टैक्स की चोरी दिनदहाड़े कर रहे हैं।

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