विशाल भंडारे के साथ हुआ भागवत कथा का समापन - Shivpuri



शिवपुरी - शिवपुरी के समीप पोहरी रोड़ पर स्थित ग्राम सिरसौद में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का विशाल भंडारे के साथ में समापन हो गया है इस कथा में चारों धाम का भंडारा भी आयोजित किया गया।

हजारों भक्तों ने आकर के श्रीमद् भागवत कथा का प्रसाद ग्रहण किया कथा के विश्राम दिवस पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता आचार्य श्री बृजभूषण महाराज जी ने बताया की श्रीमद् भागवत कथा मुक्ति प्रदान करने वाला महाग्रंथ है एवं अपने जीवन में अगर व्यक्ति से बने तो श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन अपने जीवन में अवश्य करना चाहिए आचार्य जी ने कथा के विश्राम दिवस पर श्री सुदामा चरित्र का वर्णन सुनाया और बताया कि सुदामा जी भगवान के परम भक्त थे एवं सुदामा जैसा भक्त होना संसार में बहुत ही दुर्लभ है क्योंकि सुदामा जी ने अपने जीवन में बहुत दुख सहे परंतु कभी भी अपने धर्म का त्याग नहीं किया सच्चा भक्त भगवान का वही माना जाता है जो विपत्ति पढ़ने पर भी अपने धर्म का त्याग ना करें अपनी ईमानदारी का त्याग ना करें वही सच्चा भक्त शास्त्रों ने गया है।



श्रीमद् भागवत कथा में चौबीस गुरुओं के वृतांत को आचार्य जी ने सुनाया और बताया कि गुरु से बढ़कर के जीवन में कोई होता नहीं है एवं गुरु के द्वारा ही हम सब का उद्धार संसार मैं होता है इसलिए अपने जीवन में अवश्य गुरु और बनाना चाहिए कथा के अंत में सुंदर व्यास पीठ का पूजन किया गया एवं सभी ने आकर के श्रीमद् भागवत कथा का पूजन किया इसके बाद में सुंदर भंडारा आयोजित किया गया एवं विशाल भंडारे के साथ में कथा को विश्राम दिया गया इस कथा का आयोजन श्री विष्णु प्रसाद धाकड़ जी एवं समस्त परिवार द्वारा आयोजित किया गया।

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