Badarwas - मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, टीईटी का बदरवास में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर किया जोरदार विरोध,मानव श्रृंखला बनाई



सैकड़ों की संख्या में उपस्थित शिक्षकों ने नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की उठाई मांग 

दिनेश झा बदरवास - शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में  बदरवास में शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी की अनिवार्यता का विरोध करते हुए और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की मांग को लेकर शनिवार को शिक्षकों ने मानव श्रृंखला बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक परिसर में सैकड़ों की संख्या में एकत्रित शिक्षक शिक्षिकाओं ने रैली के रूप में निकलकर नारेवाजी करते हुए अपनी नाराजगी प्रकट की और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव को ज्ञापन सौंपा।

शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में मांग रखी कि शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए और माननीय उच्चतम न्यायालय में प्रदेश सरकार पुनर्विचार याचिका दाखिल करे। पहले से ही निर्धारित परीक्षा या योग्यता के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए यह आदेश उनके सम्मान और हितों के विपरीत है। शिक्षकों ने रैली के रूप में टीईटी के काले कानून को वापिस लो,'शिक्षकों का अपमान,नहीं सहेगा हिंदुस्तान' आदि नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। ज्ञापन में शिक्षकों ने अपनी दूसरी प्रमुख मांग नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लागू करने को भी जोर शोर से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लागू करना ही न्यायसंगत और तर्कसंगत समाधान है।

शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने कठिन परिश्रम और प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अपनी योग्यता सिद्ध की है, लेकिन वर्तमान नीतियों के चलते उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है वर्ष 2010 में लागू आरटीई एक्ट के अंतर्गत जो टीईटी की अनिवार्यता जोड़ी गई थी वह पूर्व से कार्यरत शिक्षकों पर लागू करना न्यायोचित नहीं है शिक्षकों ने शासन से टीईटी की अनिवार्यता आदेश को रद्द कर शीघ्र ही पुनर्विचार याचिका लगाने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग की है जिससे 15 से 20 वर्षों की सेवा की गणना हो सके। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए विरोध कार्यक्रम में सहभागिता की।

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