शिवपुरी - शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाले कोलारस परगना क्षेत्र से गुजरने वाली जीवन दायनी सिंध नदी का सीना छल्ली किया जा रहा है बता दे कि इन दिनों बदरवास, रन्नौद, लुकवासा सहित सम्पूर्ण कोलारस परगना क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का बड़ा अड्डा बनी हुई है जीवनदायनी सिंध नदी, बांसखेड़ा, सड़, घुरवार और रिजौदी समेत कई स्थानों से बेखौफ खनन माफिया दिन-रात नदी से रेत निकाल रहे हैं जिससे पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
जानकारी के अनुसार कोलारस परगना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बदरवास, रन्नौद, लुकवासा क्षेत्रों के सिंध घाटों से दिन रात जीवन दायनी सिंध माता की छाति पर जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए खुलेआम रेत का उत्खनन किया जा रहा है।
बताया गया है कि सबसे बडी बात तो यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध खेल रात दिन खेला जा रहा है सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चाहे सिंध नदी से निकलने वाली रेत हो या लालमुरम यह पूरा खेल प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद भी प्रभावी कार्यवाही नहीं हो पा रही है जिससे खनन माफियाओं के हौसले तो लगातार बुलंद होते जा रहे हैं साथ ही प्रशासन के खिलाफ कई प्रश्न लोगो के मंन में पनप रहे है साथ ही ग्रामीण प्रशासन के संरक्षण में यह उत्खनन खनन माफियाओं द्वारा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इन दिनों खनन माफियाओं का बाेेल वाला प्रभाव साफ नजर आ रहा है प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की चुप्पी संरक्षण में अहृम भूमिका नीभा रही है प्रशासन सब देख कर भी अंधा बना हुआ है और यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
ग्रामीणों ने कई आरोप जनप्रतिनिधियों को लेकर भी लगाये है जिनमें उनके द्वारा आरोप लगाते हुुुये कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों से लेकर सत्ता के मद में चूर व पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर जनप्रतिनिधियों के द्वारा अवैध खनन का कारोबार फल - फूल रहा है हालाकि इसके संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है न ही हमारा वेबसाइट इसकी पुष्टि करता है लेकिन ग्रामीणों के बीच इसको लेकर चर्चा तेज है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और साथ ही किनारों पर कटाव के हालात बन रहे है साथ ही लाल मुरम का कारोबार खुलेआम हो रहा है ऐसे में जिम्मेदार विभागों की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है।