प्रांतीय प्राचार्य/प्रधानाचार्य योजना बैठक–2026 में उत्कृष्टता का सम्मान एवं कम्प्यूटर पाठ्य पुस्तक के नवीन संस्करण का विमोचन
शिवपुरी - विद्या भारती मध्यभारत प्रांत की प्रांतीय प्राचार्य/प्रधानाचार्य योजना बैठक–2026 के तृतीय दिवस में अखिल भारतीय अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रथम सत्र में मंच पर अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कान्हेरे, अखिल भारतीय मंत्री शिव प्रसाद, प्रांतीय अध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता, प्रांत संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी एवं प्रादेशिक सचिव डॉ. शिरोमणि दुबे की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय शिवपुरी की वार्षिक पत्रिका विद्या विहान का विमोचन किया गया
सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय की वार्षिक पत्रिका विद्या विहान का विमोचन मंचस्थ अतिथियों के कर कमलों द्वारा किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक पवन शर्मा सह प्रबंधक जितेन्द्र परसाई एवं प्राचार्य लोकेंद्र सिंह मेवाड़ा उपस्थित रहे। इस पत्रिका के प्रधान संपादक अरविन्द सविता है । अरविन्द सविता ने जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि यह पत्रिका छात्रों में साहित्यिक अभिरुचि जागृत करने हेतु एवं विद्यालय की वर्षभर की गतिविधियों एवं उपलब्धियों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम है।
उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम को सम्मानित किया गया
अधिकारियों द्वारा उन सभी विद्यालयों का सम्मान किया गया, जिनका परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा तथा जिनके विद्यार्थी प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने में सफल रहे विशेष रूप से सरस्वती ग्रामोदय विद्यालय, गोविंद नगर का प्रदर्शन अत्यंत उल्लेखनीय रहा, जहाँ सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। साथ ही विद्यालय की छात्रा दीपिका लोधी ने प्रदेश की मेरिट सूची में आठवाँ स्थान प्राप्त कर संस्था एवं प्रांत का गौरव बढ़ाया।
कंप्यूटर की नवीन संस्करण की पुस्तकों का विमोचन संपन्न
इस अवसर पर शारदा प्रकाशन के निदेशक श्री योगेंद्र कुलश्रेष्ठ जी द्वारा नवीन संस्करण की कंप्यूटर पुस्तकों का विमोचन अतिथियों के करकमलों से संपन्न कराया गया। यह नवीन पाठ्यसामग्री आगामी वर्षों में सभी विद्यालयों में लागू की जाएगी, जिससे शिक्षा में आधुनिकता एवं तकनीकी समन्वय को नई दिशा प्राप्त होगी।
सत्र के मुख्य वक्ता श्री शिव प्रसाद जी ने विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित “अमृत महोत्सव” की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि यह महोत्सव गुरु पूर्णिमा 2027 से गुरु पूर्णिमा 2028 तक आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर विविध प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिससे समाज में विद्या भारती का वैशिष्ट व्यापक रूप से स्थापित हो सके। उन्होंने अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रस्तावित प्रमुख बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला, जिनमें—केंद्रीय विषय को आधार बनाकर कार्यक्रमों का आयोजन, शिशु वाटिका केंद्रित गतिविधियाँ, विद्वत परिषद की 75 गोष्ठियाँ, विद्या भारती का लक्ष्य समाज का लक्ष्य बनाना, लक्ष्यों की प्राप्ति की सतत समीक्षा, आधारभूत विषयों पर आधारित कार्यक्रमों का संचालन तथा प्रांत में 75 समयदानी कार्यकर्ताओं का निर्माण प्रमुख हैं। साथ ही 12 से 14 नवंबर 2027 को अखिल भारतीय “घोष संगम” का आयोजन भी प्रस्तावित है।
वर्तमान में शिवपुरी में आयोजित यह योजना बैठक शिक्षा, संस्कार एवं संगठनात्मक सुदृढ़ता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभिन्न सत्रों के माध्यम से न केवल कार्य की समीक्षा की जा रही है, बल्कि भविष्य के लिए ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है, जो आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को स्पर्श करेगा।
