कोलारस में रेत माफियाओं ने बीते रोज़ तोड़े स्टॉप डैम के गेट, नदी का पानी सूखने से मवेशियों के मरने की संभावना - Kolaras

कोलारस -  शिवपुरी जिले के कोलारस परगना क्षेत्र के बदरवास तहसील के सढ़बूढ़ घाट पर बने सिंध नदी के स्टॉप डेम के गेट विगत दिवस खोले गए जिसके चलते तेजी से खाली हो रहा पानी नदी में पानी का स्तर कम होने से किसानों में बढ़ी जल संकट की चिंता साथ की मवेशियों के भी जीवन पर संकट गहरा रहा है।

अब प्रशासन को बजरी माफियाओं के खिलाफ कौनसा सबूत चाहिए क्या प्रशासन से बड़े हो गए सिंध माफिया आखिर क्यों नहीं हो रही कोलारस में बजरी माफियाओं पर कार्यवाही 

बदरवास क्षेत्र में सिंध नदी के सढ़बूढ़ घाट पर बने स्टॉप डेम के कई गेट रविवार देर रात फिर रेत माफियाओं द्वारा खोल दिए गए।जबकि कुछ गेटों को क्षतिग्रस्त भी कर दिया गया। जिससे सिंध नदी का पानी तेजी से खाली हो रहा है।

सिंध की छाती चीरकर निकालीजा रही 'काली बजरी' पर जिम्मेदारो की आखिर खामोशी क्यों 

कोलारस विधानसभा क्षेत्र में रेत का अवैध कारोबार इस कदर हावी हो चुका है कि अब खनन माफियाओं के मन से प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म नजर आ रहा है।

बता दें कि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों और जिला प्रशासन की छोटी-मोटी फड़ों पर होने वाली दिखावटी छापामार कार्रवाई के बावजूद, जिले की जीवनदायिनी नदियों से रेत चोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

ऐसे में स्थानीय जनता के बीच यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर इन माफियाओं को इतनी ताकत मिल कहाँ से रही है? विशेष रूप से पचावली सिंध नदी को माफिया दिन-रात खोखला करने में जुटे हैं। महीनों से खुलेआम संचालित हो रहे इस काले कारोबार पर प्रशासन आखिर ठोस कार्रवाई करने से क्यों कतरा रहा है, यह समझ से परे है। 

नए कलेक्टर और नए माइनिंग ऑफिसर के आने से क्षेत्र की जनता में जो उम्मीद जागी थी, वह अब टूटती नजर आ रही है। कोलारस की जनता आज सीधे प्रशासन से पूछ रही है कि पचावली, सढ़, अनंतपुर, बासकेड़ा और रिज़ोदी घाट पर सक्रिय सिंध माफियाओं पर शिकंजा क्यों नहीं कसा जा रहा है?

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