सर्वेश राजपूत शिवपुरी - भोपाल से लेकर शिवपुरी तक न्याय की गूंज 'जगत गुरु मां काजल ठाकुर' के नेतृत्व में एसपी दफ्तर पर भारी प्रदर्शन, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का खतौरा कस्बा इस वक्त एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विवाद का केंद्र बन चुका है दो किन्नरों के साथ बर्बरता, मारपीट और जबरन बाल काटने (मुंडन करने) की एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे किन्नर समाज को झकझोर कर रख दिया है इस अमानवीय घटना के विरोध में गुरुवार को पीड़ित पक्ष के समर्थन में भारी संख्या में किन्नर समाज के लोग पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उग्र प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
क्या है पूरा मामला? 'मुस्लिम धर्म' अपनाने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप
इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पीड़ित किन्नरों ने इसमें 'जबरन धर्म परिवर्तन' का एंगल सामने रखा। भोपाल से शिवपुरी पहुंचीं किन्नर समाज की प्रमुख जगत गुरु मां काजल ठाकुर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ितों—नेहा अहिरवार और मुस्कान गुर्जर—ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
पीड़ितों का कहना है कि :- अशोकनगर (ईसागढ़) की रहने वाली चांदनी खान, इंदौर की पायल और उनके कुछ साथियों द्वारा उन पर लगातार मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था।
जब उन्होंने इस धर्मांतरण का पुरज़ोर विरोध किया, तो उन्हें खौफनाक अंजाम भुगतने की धमकी दी गई हम पर धर्म बदलने का दबाव था जब हमने मना किया, तो हमें बेरहमी से पीटा गया, अपमानित किया गया और कैंची से हमारे बाल काट दिए गए।
पीड़ित किन्नरों का बयान, लूटपाट और जान से मारने की धमकी
शिकायत के अनुसार, यह वारदात 16 जून को इंदार थाना क्षेत्र के खतौरा कस्बे में अंजाम दी गई हमलावरों ने न सिर्फ नेहा और मुस्कान के साथ मारपीट की, बल्कि मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए उनके बाल काट दिए पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उनसे सोने की चेन और मंगलसूत्र, कान के टॉप्स और मोबाइल फोन, लगभग ₹30,000 की नकदी भी जबरन छीन ली।
8 लोगों पर FIR, लेकिन किन्नर समाज की मांग तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा' मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
हालांकि, किन्नर समाज इस कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है जगत गुरु मां काजल ठाकुर का साफ कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी नहीं होती और पीड़ित किन्नरों को पुख्ता सुरक्षा नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने की मांग की है ताकि पर्दे के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
अब देखना यह है कि शिवपुरी पुलिस इस संवेदनशील मामले में कितनी मुस्तैदी से कदम उठाती है और पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।
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