शिवपुरी - प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शिवपुरी में विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न नवाचार आधारित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
महाविद्यालय में संचालित कार्यक्रम विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव एवं रोजगार के अवसर प्रदान कर रहे हैं।
अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम से मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) कोर्स महाविद्यालय में चलाए जा रहे हैं, जिसमें विद्यार्थी बी.ए. इन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशंस तथा बी.कॉम. इन रिटेल ऑपरेशंस जैसे कोर्सेज में प्रवेश ले सकते हैं।
इन कोर्सेस की विशेषता यह है कि विद्यार्थी को अंतिम वर्ष में प्रशिक्षुता के लिए जाना होगा जिस दौरान विद्यार्थी को 10 हजार से 12 हजार प्रतिमाह मासिक वजीफा (स्टाइपेंड) दिए जाने का प्रावधान है विद्यार्थी न सिर्फ कंपनी में काम करने का रियल एक्सपीरियंस प्राप्त करेगा बल्कि साथ में कमाई भी करेगा।
इंटर्नशिप एवं स्टार्टअप गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा
प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय द्वारा अंतिम वर्ष के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा पास आउट हो चुके विद्यार्थी जो वर्तमान में कोई रेगुलर कोर्स या जॉब नहीं कर रहे हैं उनके लिए प्राइम मिनिस्टर इंटर्नशिप स्कीम पोर्टल पर पंजीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि वे भी इंटर्नशिप के साथ-साथ कमाई कर सकें हाल ही में विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय की मदद से स्टार्टअप शुरू करने के संबंध में जानकारी देने के लिए एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जिसमें सुश्री सुष्मिता कृष्णन (भारतीय इकोलॉजिस्ट एवं क्लाइमेट लीडर) ने विद्यार्थियों को जलकुंभी से कागज निर्माण की प्रक्रिया तथा उससे संबंधित स्टार्टअप संभावनाओं की जानकारी प्रदान की।
नवाचार अपनाने का दिया संदेश
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है विद्यार्थियों को नवाचार, कौशल विकास एवं उद्यमिता जैसी अवधारणाओं को भी अपनाना चाहिए इससे वे अपने करियर को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
