कोलारस - मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम अनंदपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर आचार्य बृजभूषण महाराज ने बताया कि जो लोग पुरुषोत्तम मासमाह में भी मंदिरापान करना नहीं छोड़ रहे है पाप करना नहीं छोड़ रहे है उन व्यक्तियों को महा पापी ही समझना चाहिए क्योंकि पुरुषोत्तम मास का महीना सिर्फ़ धर्म के लिए ही भगवान ने इसको बनाया है एवं इसमें अधिक से अधिक पुण्य करना चाहिए धर्म करना चाहिए यही मनुष्य के कल्याण का परम साधन बतलाया गया है लेकिन जो मनुष्य इस महीने में भी नाना प्रकार के पाप कर रहे हैं मंदिरा पान आदि कर रहे हैं एवं जो है अधर्म के रास्ते पर चल रहे हैं ऐसे मनुष्यों को इसका लाख गुना हो करके दंड प्राप्त होगा एवं ऐसे मनुष्य आगे चलकर के महान दुख के भागी होंगे इसलिए अधिक मास के महीने में मात्र शुद्ध भोजन करें एवं थोड़ा भोजन करें अधिक से अधिक भगवान का नाम जप करें जिससे कि आगे चलकर के भगवान प्रसन्न हो हमारे ऊपर करुणा करके हमको मनुष्य का जन्म प्रदान तो कर ही देंगे।
आचार्य जी ने कथा के प्रसंग में सुंदर प्रहलाद चरित्र का वर्णन सुनाया और बताया कि नरसिंह भगवान ने कृपा करके प्रहलाद का कल्याण किया महाराज जी ने सुंदर नरकों का वर्णन सुनाया और कहा कि मनुष्य जो है नाना प्रकार के पाप करते हैं तो उनके लिए भगवान ने नरकों की व्यवस्था की है जो व्यक्ति जैसा पाप करता है मैं वैसे नरकों में जाता है एवं जब उसका समय पूर्ण होता है तो फिर भगवान उसको उसके कर्म अनुसार जन्म प्रदान करते हैं इसलिए किसी प्रकार का जीवन में हमसे पाप ना बने अधर्म न बने किसी काम दिल न दुखाए एवं सबको प्रेम करें यह मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा धर्म माना गया है इस कथा का आयोजन 3 जून से 10 जून तक किया जा रहा है एवं इस कथा के मुख्य यजमान घसीटाराम प्रजापति एवं उनके समस्त परिवार जन हैं।
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