उद्धव गुट को बड़ा झटका, शिंदे गुट में बागी 6 सांसदों के विलय को मिली मंजूरी - Lok Sabha



लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बागी सांसदों की स्थिति को लेकर बड़ा फैसला आ चुका है इस कड़ी में महाराष्ट्र की शिवसेना यूबीटी को बड़ा झटका लगा है उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उद्धव गुट के छह सांसदों के विलय को लोकसभा सचिवालय ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत शिवसेना यूबीटी के सांसद रहे संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापुराव पाटिल अष्टीकर अब शिंदे गुट के सांसद हो गए हैं।


लोकसभा में दलों की ताजा स्थिति

लोकसभा में कुल 542 सदस्य (नामित एंग्लो-इंडियन सीट को छोड़कर) हैं। सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) है, जिसके 239 सांसद हैं और इसके नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। दूसरे स्थान पर कांग्रेस है, जिसके 98 सांसद हैं और नेता राहुल गांधी हैं। समाजवादी पार्टी 37 सांसदों के साथ तीसरे स्थान पर है। तृणमूल कांग्रेस के 28, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के 22, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 16, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के 13 और जनता दल (यूनाइटेड) के 12 सांसद हैं।


राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के आठ, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के पांच, जबकि माकपा, राष्ट्रीय जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के चार-चार सांसद हैं। आम आदमी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, झारखंड मुक्ति मोर्चा और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के तीन-तीन सांसद हैं। सीपीआई, सीपीआई (एमएल), नेशनल कॉन्फ्रेंस, जनसेना, जेडी (सेक्युलर), राष्ट्रीय लोकदल और वीसीके के दो-दो सांसद हैं। इसके अलावा 16 अन्य दलों का एक-एक सांसद है। सदन में सात निर्दलीय सांसद भी हैं। वर्तमान में तीन सीटें रिक्त हैं। सूची के अनुसार 20 सांसदों को उनके अनुरोध पर अलग बैठने की व्यवस्था दी गई है।

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