हरीश भार्गव, रोहित बैरागी - मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा सीट के लिये मतदान ठीक 20 दिन बाद यानि 30 जुलाई को होना है दतिया विधानसभा सीट से भाजपा ने शुक्रवार को भाजपा के पूर्व उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा दादा के स्थान पर अशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है जबकि आजाद कासीराम समाज पार्टी ने दामोदर यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है कांग्रेस सोमवार से पूर्व अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है कांग्रेस से अवधेष नायक अथवा कोई अन्य उम्मीदवार भी कांग्रेस आला कमान बना सकता है।
भाजपा दतिया के जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर अपना स्तीफा दिया
दादा का टिकिट कटने से कांग्रेस के उम्मीदवार की सम्भावना मजबूत -
शुक्रवार को दतिया विधानसभा सीट के लिये होने वाले उपचुनाव के लिये भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा दादा के स्थान पर अशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले है यानि की कांग्रेस से उम्मीदवार कौन होगा इसके लिये हमें 2-3 दिनों के अंदर पता चल जायेगा यदि दतिया विधानसभा सीट की हम बात करे तो अशुतोष तिवारी की दतिया की जनता के बीच मजबूत पकड नहीं है जबकि दामोदर यादव अपने भाषणों में सर्वण एवं पिछड़ो को टारगेट करते रहे है जिसके चलते दतिया की जनता दादा के टिकित कटने के बाद व्यापारी खुलकर विरोध में आ गये है बाजार बंद एवं चक्का जाम यह बताता है कि दादा का टिकिट नहीं हुआ तो दादा समर्थक एवं सर्वण वर्ग के साथ पिछड़़ा वर्ग कांग्रेस प्रत्याशी को सहानुभूति के रूप में अपनी पहली पसंद भी बना सकता है कांग्रेस से अभी अवधेष नायक का नाम सबसे आगे तथा मजबूत दिखाई दे रहा है देखना है कांग्रेस अपना उम्मीदवार किसे बनाती है उधर नरोत्तम मिश्रा का टिकिट कटने से भाजपा जिला अध्यक्ष सहित भाजपा कार्यकारिणी के इस्तीफे से भाजपा में बड़ा घमासान दिखाई दे रहा है भाजपा ने यदि टिकिट में बदलाव नहीं किया तो भाजपा दतिया में तीसरे स्थान पर भेजने तक की बात दतिया के लोग कर रहे है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को अपने पत्ते खोल दिए पार्टी ने हाईप्रोफाइल मानी जाने वाली इस सीट से पूर्व हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है पार्टी के इस फैसले ने दतिया की सियासत में भूचाल ला दिया है, क्योंकि लंबे समय से इस सीट पर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का वर्चस्व रहा है।
भाजपा आलाकमान ने इस बार अनुभव के साथ-साथ संगठनात्मक निष्ठा को तरजीह दी है। आशुतोष तिवारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता माने जाते हैं। वे पूर्व में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम किया। पार्टी का मानना है कि उनकी जमीनी पकड़, स्वच्छ छवि और संघ से जुड़ाव उन्हें उपचुनाव के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बनाते हैं।
दतिया को नरोत्तम मिश्रा का गढ़ कहा जाता है। वे कई बार यहां से विधायक चुने गए और राज्य सरकार में गृहमंत्री की अहम जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। ऐसे में उनकी जगह किसी नए चेहरे को उतारना भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक फैसला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी ने इस बार स्थानीय समीकरण, जातीय गणित और संघ की राय को ध्यान में रखकर यह बदलाव किया है। उपचुनाव में ताजा चेहरे और संगठन की पकड़ को चुनावी हथियार बनाने की रणनीति के तहत ही आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया गया है।


