महिलाओं के गोपनीय जननी वॉर्ड (कमरे) में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे उस वक्त भी जब मीडिया में समाचार प्रकाशित हुआ, तब कहीं जाकर आनन-फानन में कैमरों को हटाया गया
सर्वेश राजपूत कोलारस - गरीब का कोई नहीं होता'—यह कहावत आज कोलारस के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बार फिर सच होती दिखाई दी, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई। पूरा मामला पूर्व जनप्रतिनिधि सिरनाम आदिवासी से जुड़ा है, जिन्हें गंभीर हालत में कोलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था अस्पताल में सही और समय पर इलाज न मिलने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें शिवपुरी रेफर कर दिया।
विडंबना यह रही कि रेफर किए जाने के बाद मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन 3 घंटे तक एक एम्बुलेंस तक मुहैया नहीं करा सका। सरकारी सिस्टम की इस लाचारी को देखते हुए आखिरकार टीला सरपंच हरदेव सिक्ख ने इंसानियत की मिसाल पेश की और वे खुद अपनी निजी गाड़ी से मरीज को लेकर शिवपुरी रवाना हुए।
कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी यहाँ ऐसे दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं जहाँ सही उपचार और एम्बुलेंस न मिलने की वजह से मरीजों की जान आफत में आई है। कुछ समय पहले जेल कॉलोनी की एक महिला को भी इसी तरह एम्बुलेंस न मिलने पर प्राइवेट गाड़ी से ले जाना पड़ा था। इसके अलावा अस्पताल प्रबंधन का एक और गंभीर कारनामा पहले सामने आ चुका है, जिसमें महिलाओं के गोपनीय जननी वॉर्ड (कमरे) में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे उस वक्त भी जब मीडिया में समाचार प्रकाशित हुआ, तब कहीं जाकर आनन-फानन में कैमरों को हटाया गया था। इन तमाम गंभीर हादसों और विवादों के बाद भी आज दिनांक तक बीएमओ (BMO) डॉ. संजय राठौर ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। लगातार सामने आ रही इन लापरवाहियों से अब जनता के बीच भारी आक्रोश है। लोग अब खुलेआम यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्या बात है जो डॉ. संजय राठौर व्यवस्था संभालने में पूरी तरह असमर्थ साबित हो रहे हैं? क्या वे खुद को प्रशासन से भी बड़ा समझते हैं या फिर उनके सिर पर किसी बड़े अधिकारी या रसूखदार का हाथ है, जिसके चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती? स्थानीय जनता ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले इस ढर्रे को बदला जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
