शिवपुरी - शिवपुरी जिले में पुलिसिंग को लेकर एसपी यंगचैन डोलकर भूटिया के सख्त और ईमानदार तेवर एक बार फिर देखने को मिले हैं मंगलवार को जिले में एक साथ दो बड़ी कार्रवाइयों ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया एसपी ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि चाहे आरक्षक हो, सब इंस्पेक्टर हो या थाना प्रभारी, ड्यूटी में लापरवाही और काम में कोताही किसी भी स्तर पर माफ नहीं की जाएगी।
इसी सख्त रुख के तहत नरवर थाना प्रभारी निरीक्षक विनय यादव को लाइन अटैच कर पुलिस लाइन भेज दिया गया जबकि खनियाधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है एक ही दिन जिले के दो महत्वपूर्ण थानों के प्रभारियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों थाने फिलहाल नियमित थाना प्रभारी विहीन हो गए हैं देर शाम तक दोनों थानों पर नई पदस्थापना को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ था
पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को एसपी यंगचैन डोलकर भूटिया की जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है जब से उन्होंने शिवपुरी जिले का कार्यभार संभाला है तब से लगातार ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जवाबदेही को लेकर पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी जा रही थी मंगलवार की कार्रवाई उसी का परिणाम मानी जा रही है।
नरवर में ऐतिहासिक धरोहर की चोरी पर सबसे बड़ा सवाल
नरवर टीआई विनय यादव पर हुई कार्रवाई के पीछे सबसे बड़ी वजह नरवर किले से चोरी हुई ऐतिहासिक तोप का मामला माना जा रहा है। यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा था।
दरअसल, नरवर का किला ऐतिहासिक धरोहर है और यहां लगी तोपें सैकड़ों साल पुरानी हैं। कुछ दिन पहले अज्ञात चोरों ने किले में लगी एक विशाल तोप को निशाना बनाया। पहली बार चोरों ने तोप को उसके मूल स्थान से नीचे गिरा दिया था। इस घटना की भनक स्थानीय लोगों को लगी और इसकी सूचना पुलिस तक भी पहुंची थी।
चर्चा है कि यदि उस समय नरवर पुलिस तत्परता दिखाती, रात्रि गश्त बढ़ाती और किले की सुरक्षा को लेकर पुरातत्व विभाग से समन्वय करती तो बड़ी चोरी को रोका जा सकता था। लेकिन प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही बरती गई। इसी का फायदा उठाकर चोर दोबारा आए और भारी-भरकम तोप को ट्रैक्टर या अन्य साधन से ले उड़े।
घटना के बाद जब मामला मीडिया में उछला और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस हरकत में आई। नरवर पुलिस ने दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता जरूर हासिल की, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चोरी गई ऐतिहासिक तोप आज तक बरामद नहीं हो सकी है। एसपी यंगचैन डोलकर भूटिया ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लेती हैं, जहां ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा का सवाल हो। इसी लापरवाही को कार्रवाई का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
जुआ-सट्टा और भैंस चोरी में भी लापरवाही के आरोप नरवर टीआई की कार्यप्रणाली पर पिछले कुछ दिनों से लगातार सवाल उठ रहे थे। क्षेत्र में जुआ-सट्टे का कारोबार खुलेआम फलने-फूलने की शिकायतें वरिष्ठ कार्यालय तक पहुंच रही थीं। बताया जा रहा है कि सोमवार को शिवपुरी से गई एक विशेष टीम ने नरवर क्षेत्र में सट्टा खिलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जब जिला स्तरीय टीम को स्थानीय क्षेत्र में जाकर कार्रवाई करनी पड़े तो यह स्वतः ही स्थानीय थाने की निष्क्रियता को दर्शाता है। एसपी की स्पष्ट नीति है कि अवैध गतिविधियों पर थाने स्तर पर ही अंकुश लगाया जाए।
खनियाधाना में हाईकोर्ट तक पहुंचा नाबालिग गुमशुदगी का मामला, एसपी ने लिया सख्त संज्ञान दूसरी और अधिक गंभीर कार्रवाई खनियाधाना में हुई है, जहां टीआई केदार सिंह यादव को सीधे निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन के पीछे एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के मामले में बरती गई लापरवाही को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार खनियाधाना थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की लापता हो गई थी। परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। कई दिनों तक लड़की का कोई सुराग नहीं लगा और परिजन थाने के चक्कर काटते रहे। थक-हारकर परिजनों ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
इस मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई थी, जिसमें पुलिस की जांच पर सवाल उठे। सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट में पुलिस द्वारा पेश की गई प्रगति रिपोर्ट से वरिष्ठ अधिकारी भी संतुष्ट नहीं थे। नाबालिग मामलों में लापरवाही को एसपी यंगचैन डोलकर भूटिया कभी बर्दाश्त नहीं करतीं। उन्होंने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए मंगलवार को निलंबन की कार्रवाई कर दी।
एसपी का मानना है कि महिला और नाबालिगों से जुड़े अपराधों में तत्परता सबसे जरूरी है इस मामले में देरी ने पूरे विभाग की छवि को प्रभावित किया था एसपी यंगचैन डोलकर भूटिया शिवपुरी में पदस्थ एसपी यंगचैन डोलकर भूटिया को एक ईमानदार, तेज-तर्रार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाना जाता है वे मूलतः सिक्किम कैडर से ताल्लुक रखती हैं और अपनी कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। शिवपुरी जैसे संवेदनशील जिले में उन्होंने कम समय में ही कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी अलग पहचान बनाई है उनकी कार्यप्रणाली का मूल मंत्र है - फरियादी की सुनो, अपराध पर तत्काल कार्रवाई करो और लापरवाह पुलिसकर्मी को बख्शो मत। वे अक्सर थानों के औचक निरीक्षण करती हैं, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाती हैं।
मंगलवार की कार्रवाई के बाद महकमे में यह संदेश साफ हो गया है कि एसपी की नजर हर थाने पर है। आरक्षक से लेकर टीआई तक, जो भी अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतेगा, उस पर कार्रवाई तय है।
महकमे में हड़कंप, जल्द होगी नई पद स्थापना एक ही दिन दो थाना प्रभारियों पर कार्रवाई के बाद पुलिस लाइन में हलचल तेज है। दोनों थाना क्षेत्र फिलहाल बिना नियमित प्रभारियों के हैं। अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार एसपी जल्द ही दोनों थानों पर ईमानदार और अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति करेंगी।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य थाना प्रभारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। सभी अपने-अपने क्षेत्र में लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण में जुट गए हैं।
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