
मध्यप्रदेश के गुना जिले के उत्तर वन परिक्षेत्र में तेंदुए के शिकार के मामले का वन विभाग ने खुलासा कर दिया है 30 जुलाई 2026 को अगरा बीट में तेंदुए का कटा-फटा शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच में विभाग ने हांसली गांव के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनकी निशानदेही पर तेंदुए का सिर, चारों पंजे, खाल, हड्डियों के अवशेष और शिकार में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए गए हैं।
30 जुलाई की सुबह वनकर्मियों को नियमित गश्त के दौरान अगरा बीट में तेंदुए का शव मिला था शव से सिर और चारों पंजे गायब थे, जिससे प्रथम दृष्टया सुनियोजित शिकार की आशंका जताई गई इसके बाद वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव और वनमंडलाधिकारी अक्षय राठौर के मार्गदर्शन में उपवनमंडलाधिकारी नीरज निश्चल के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से चार दिन तक लगातार सर्चिंग और पूछताछ की इसके बाद हांसली गांव के चार लोगों की संलिप्तता सामने आई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम?
गिरफ्तार आरोपियों में खुमानसिंह बारेला, रमेश उर्फ पप्पू बारेला, लखन बारेला और डूमसिंह बारेला शामिल हैं पूछताछ में आरोपियों ने शिकार करना स्वीकार कर लिया उनकी निशानदेही पर जंगल के एक सुनसान क्षेत्र से तेंदुए का सिर, चारों पंजे, पूरी खाल, हड्डियों के अवशेष तथा शिकार में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और हंसिया बरामद किए गए।