भाजपा नेता जादौन की पोस्ट से सिद्ध होता है कि भाजपा में अंतर्कलह चरम पर, विधायक के दावेदार भाजपा नेता कई बार मंच पर कह चुके है 5 को छोड़कर किसी की नहीं होती सुनवाई - Kolaras



कोलारस - कोलारस विधानसभा जिले की एक मात्र ऐसी विधानसभा है जो जिला मुख्यालय से सबसे नजदीक होने के साथ - साथ कोलारस विधानसभा क्षेत्र से जिले में एक मात्र महल समर्थक विधायक सबसे अधिक बोटो से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे है एक ओर सिंधिया के करीबी तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री के सजातीय भाई माने जाने वाले कोलारस विधायक से भाजपा नेताओं से लेकर आम लोगो को जो उम्मीदे थी वह धारातल पर खरी उतरती हुई दिखाई नहीं दे रही शायद इसी का परिणाम है कि जैसे - जैसे चुनावों की घड़ी नजदीक आती जा रही है वैसे - वैसे भाजपा में टिकिट के दावेदारों से लेकर भितरघात की खबरे भी सोशल मीडिया की सुर्खिया बनने लगी है विधानसभा के चुनावों में यदि ईमानदारी से कहे तो 2027 यानि की एक वर्ष का पीक कार्यकाल है जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं की उम्मीद एवं क्षेत्र के विकास को गति दी जा सकती है दतिया में टिकिट बदलाव के बाद कोलारस के भाजपा कार्यकर्ताओ को भी अब दतिया की तरह कोलारस में टिकिट की उम्मीद दिखाई देने लगी है जिसके चलते भाजपा में वर्तमान विधायक के बाद जितेन्द्र जैन और अब एक दर्जन से भी अधिक भाजपा के कार्यकर्ता टिकिट की उम्मीद पाले बैठे है।


भाजपा नेता जादौन की पोस्ट भाजपा में अंतर्कलह की ओर इशारा 

बुधवार को माधवराव सिंधिया की पुण्य तिथि के अवसर पर भाजपा के कई दर्जन नेता कोलारस महाविधालय में पुण्य तिथि मनाने गये हुये थे जिसके बाद भाजपा नेता जादौन ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेताओ के उपर कटाक्ष करते हुये लिखा की कभी अपने पिता जी के भी पैर छूते हुये फोटो सोशल मीडिया पर डाल देते यह पोस्ट भले ही एक छोटे से भाजपा के कार्यकर्ता की नाराजगी की ओर इशारा भले ही कर रही हो किन्तु भाजपा में इस पोस्ट से यह सिद्ध होता है कि भाजपा में विपक्ष से कई गुना अधिक भितरघात यानि की कार्यकर्ता उपेक्षा के चलते घुटन महसूस कर रहे है प्रदेश से लेकर केन्द्र में सरकार होने के कारण भले ही कार्यकर्ता खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हो किन्तु आगामी 2028 में होने वाले विधानसभा के चुनावों में भाजपा कार्यकर्ता खुलेआम हातो में बका लेकर भाजपा को हराते हुये दिखाई दे सकते है। 


भाजपा विधायक के दावेदार कई बार मंच से कह चुके है 5 को लेकर छटे की नहीं होती सुनवाई 


भाजपा में टिकिट के दावेदार एवं पूर्व में विधानसभा चुनाव के मैनेजमेंट गुरू यह मंचों पर अनेको बार दावा कर चुके है कि भाजपा में पंच प्यारों को छोड़कर छटे की नहीं होती सुनवाई कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगो को चाहे थाने, तहसील, जनपद, नगर परिषद या अन्य किसी शासकीय विभाग में कोई भी कार्य हो विना पैसों के भाजपा कार्यकर्ताओं की कार्य कराने की हिम्मत नहीं है चाहे एक पात्र व्यक्ति को कुटीर दिलाने जैसी छोटी से समस्या ही क्यों न हो भाजपा के मंडल अध्यक्ष हो या मोर्चा के जिला अध्यक्ष बिना कमीशन के एक पात्र व्यक्ति को कुटीर तक नहीं दिला सकते फिर भला ऐसी भाजपा सरकार के होेने या न होने का भाजपा कार्यकर्ताओं को क्या लाभ जब कार्यकर्ता ही मंच पर दावा करते है मंडल अध्यक्ष से ज्यादा भाजपा में पंच प्यारों की चलती है कोलारस में सरकार।

 


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