इंदौर। इंदौर हाईकोर्ट में सोमवार को उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े निर्माण विवाद पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक समझौता हो गया। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को आपसी सहमति से सुलझाते हुए हाईकोर्ट ने समझौते की शर्तों को स्वीकार कर लिया और याचिका को निष्पादित (निराकृत) कर दिया।
साढ़े 9 फीट की मांग के बदले 3 फीट हिस्सा हटाने पर बनी सहमति
मामले में याचिकाकर्ता ने मस्जिद के विवादित निर्माण के लगभग साढ़े 9 फीट हिस्से को हटाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई और विवाद के समाधान का प्रस्ताव रखा गया। गहन चर्चा के बाद दोनों पक्ष लगभग 3 फीट विवादित हिस्सा हटाने और एक दुकान को तोड़ने की शर्त पर सहमत हो गए।
दोनों पक्षों के वकीलों ने रखा पक्ष
शाही मस्जिद पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने न्यायालय को दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति और विवाद के समाधान से अवगत कराया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि स्थानीय स्तर पर बने इस विवाद को अब शांतिपूर्ण तरीके से आपसी शर्तों पर सुलझा लिया गया है।
अब समझौते के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
न्यायालय द्वारा समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद अब संबंधित पक्ष तय शर्तों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। इसके तहत मस्जिद से जुड़े विवादित हिस्से के 3 फीट भाग और निर्धारित दुकान को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद स्थानीय स्तर पर जारी तनाव और विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया है।