रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक डीजे एवं लाउडस्पीकर के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध, नियमों का उल्लंघन करने पर उपकरण होंगे जब्त - Shivpuri

लाउडस्पीकर और डीजे के उपयोग पर ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश, कलेक्टर वर्मा ने जारी किया आदेश 

शिवपुरी - शिवपुरी जिले में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक आयोजनों, विवाह समारोहों, जुलूसों और रैलियों के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों, डीजे, लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले साधनों का उपयोग निर्धारित मानकों एवं समय-सीमा का उल्लंघन करते हुए किए जाने के मामले लगातार संज्ञान में आ रहे हैं। इसके फलस्वरूप चिकित्सालयों में उपचाररत रोगियों, वरिष्ठ नागरिकों, नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई एवं आम नागरिकों की शांति बाधित होती है।

इन सभी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने लोक स्वास्थ्य, जनसुविधा, लोक शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत शिवपुरी जिले की संपूर्ण सीमांतर्गत कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

न्यायालयों एवं मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग द्वारा निर्धारित परिवेशीय वायु गुणवत्ता मानकों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों के लिए डेसीबल सीमा तय की गई है, जिसका कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा, जिसके तहत औद्योगिक क्षेत्र में सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक 75 डेसीबल तथा रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक 70 डेसीबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक 65 डेसीबल तथा रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक 55 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र में सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक 55 डेसीबल तथा रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक 45 डेसीबल तथा शांत क्षेत्र (अस्पताल, शिक्षण संस्थान, न्यायालय आदि के आसपास) में सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक 50 डेसीबल तथा रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक 40 डेसीबल तक ध्वनि रहना शामिल है।

कोई भी व्यक्ति, संस्था, आयोजक या डीजे/बैंड संचालक संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर या डीजे का उपयोग नहीं कर सकेगा। मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 

आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित डीजे सिस्टम, ध्वनि विस्तारक यंत्र, जनरेटर एवं उपयोग में लाया गया वाहन तत्काल जब्त कर लिया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार कार्यक्रम स्थल को सील किया जाएगा। नियमों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन की स्थिति में कार्यक्रम आयोजक, स्थल स्वामी (मैरिज गार्डन संचालक आदि) और डीजे संचालक संयुक्त रूप से उत्तरदायी होंगे। 

पुनरावृत्ति होने पर मैरिज गार्डन की अनुमति भी निरस्त की जा सकती है। मैरिज गार्डन एवं डीजे संचालक ध्वनि तीव्रता के स्व-परीक्षण हेतु साउंड डेसीबल मीटर ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, आयोजकों या संचालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 तथा अन्य सुसंगत नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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