आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की सेवाएं समाप्त, दो स्व-सहायता समूहों के अनुबंध भी निरस्त - Shivpuri

कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर नरवर परियोजना में हुई कार्रवाई

शिवपुरी - कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) करैरा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग नरवर के परियोजना अधिकारी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कर्तव्य निर्वहन में लगातार गंभीर लापरवाही बरते जाने, अनधिकृत रूप से बाहरी शहरों में निवास करने तथा केंद्र नियमित रूप से संचालित न करने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता टोडापमार रेखा रावत एवं आंगनबाड़ी सहायिका काशीपुर सीमा कुशवाह की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।

विभाग द्वारा की गई जांच में यह पुष्टि हुई कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेखा रावत दतिया में निवास कर रही थीं, जिससे केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहा था और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। वहीं आंगनबाड़ी सहायिका सीमा कुशवाह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु इंदौर में निवास कर रही थीं। दोनों ही कर्मचारियों द्वारा कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही बरते जाने के कारण उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

आंगनबाड़ी केंद्र हरिजन बस्ती ग्वालिया के निरीक्षण के दौरान सेक्टर पर्यवेक्षक कु. हिमांशी मकालिया को ऐसी स्थिति देखने को मिली। जिसमें केंद्र पर पदस्थ आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती शालिनी बैश के स्थान पर ताराबाई नामक एक अन्य महिला मात्र 500 रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर कार्य करती हुई पाई गई। जब सेक्टर पर्यवेक्षक ने इस संबंध में पूछताछ की, तो सहायिका के पति एवं ससुर द्वारा पर्यवेक्षक को धमकी भी दी गई। इस अति गंभीर मामले में विस्तृत जांच कर विधि अनुसार पृथक से वैधानिक कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही है।

लापरवाही बरतने एवं मुख्यालय से बाहर दतिया में निवास करने पर कार्यकर्ता प्रीति रावत (पारागढ़), रानी शर्मा (काशीपुर) एवं सहायिका दयावती रावत (टोडापमार) तथा अनधिकृत अनुपस्थिति पर पूजा रावत (छापर की मड़ैयां), सावित्री कुशवाह (किशनपुर), कृष्णा रावत (चक ढिगवास) और खिलन दुबे (मुढैनी) को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन्हें भी सेवा से पृथक किया जाएगा।

दूसरी ओर, सांझा चूल्हा योजना के तहत नाश्ता व भोजन वितरण में लापरवाही बरतने पर आंगनबाड़ी केंद्र गोडाताल के जय गिर्राज स्व-सहायता समूह तथा केंद्र गणेशपुरा एवं बरखाडी के गणेश स्व-सहायता समूह के अनुबंध निरस्त कर दिए गए हैं।

परियोजना अधिकारी ने दी हिदायत

परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास रविरमन पाराशर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय पर रहकर दायित्वों का निर्वहन करें। साथ ही समस्त स्व-सहायता समूह अनुबंध की शर्तों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण नाश्ता व खाना वितरित करें। शासकीय कार्यों और बच्चों के पोषण से जुड़ी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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