135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी भी कार्रवाई की जद में, सात अधिकारी बर्खास्त; 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स पर भी शिकंजा
भोपाल। मध्य प्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े मामलों में करीब 392 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) भी शामिल बताए गए हैं। अब तक सात अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में सरकार ने करीब तीन से चार करोड़ रुपये की वसूली भी की है। इसके साथ ही 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एसीएस संजय दुबे ने दिखाई सख्ती
नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने मीडिया को जानकारी देते हुए वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में विभाग का कड़ा रुख स्पष्ट किया है। सरकारी राशि के दुरुपयोग और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
तकनीक और AI से होगी निगरानी
वित्तीय गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल कर रही है। इसके जरिए सरकारी धन के उपयोग और योजनाओं के क्रियान्वयन पर निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाना और जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
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