कोलारस - बदरवास - ग्रामीण यांत्रिकी विभाग जिसे लोग पीएचई विभाग के नाम से जानते है। यह विभाग अधिकारियों की लूट खसोट का अडडा बना हुआ है। यहां पदस्थ एई से लेकर सब इंजिनियर एवं स्टोर कीपर सब मिलकर हैण्ड पम्प से लेकर जलावर्धन योजनाओं में आने वाले बजट को बडी ही सफाई से साथ ऐसे डकार जाते है। कि कोई समझ भी नहीं पाता और शासन से आने वाला बजट ठेकेदार एवं सप्लाई करने वाले दुकानदार से मिलकर नल कूप उत्खन्न से लेकर उसमें डलने वाली सामग्री तथा जलावर्धन योजना के तहत आने वाली मोटरे, पाईप क्रय करने के बाद उन्हीं दुकानदारों को बापिस कर दी जाती है। पीएचई विभाग द्वारा लगाये गये हैण्ड पम्पों की गहराई, उनमें डाले गये पाईप, हैण्डपम्पों में डाली गई मोटरें, बदले गये पाईपों की गणना क्रय विक्रय के आधार पर मिलान करा ली जाये तो पीएचई विभाग द्वारा किया गया 50 प्रतिशत घोटाला उजागर हो जायेगा। हैण्ड पम्पों की कम गहराई, मोटरें वेचने तथा जलावर्धन योजना का बजट डकार लेने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में नल जल योजना से लेकर हैण्ड पम्प 50 प्रतिशत तक बंद पडे मिल जायेगे। विभागिये अधिकारियों से लेकर अन्य विभागों के अधिकारियों की सेवा तथा कमीशन मिलने के कारण सब के सब मौन साधे हुये है। वही जनप्रतिनिधियों के चहेतो के घरों में हैण्ड पम्प या मोटरे पहुंच जाने के कारण जनप्रतिनिधि मौन रहने के लिये विवश हो जाते है।
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