कोलारस- देश के साथ मध्यप्रदेश में भी लॉक डाउन 3 मई तक जारी है। जिसके चलते अनाज मंडियों में सोशल डिस्टेंश का पालन करने के लिये पंचायत बार सूची के आधार पर किसानों को मंडियों में फसल बेचने की सूचना जारी की गई है। कोलारस अनाज मंडी के अंदर लगे इलेक्ट्रोंनिक धर्म कांटे पर किसान का टेक्टर ट्रॉली तौल कर व्यापारियों को फसल खरीदने का निर्देश जारी किया गया है। जिसके चलते कोलारस अनाज मंडी के बाहर अपने नम्बर आने के इन्तजार में किसानों को 1 किलों मीटर लम्बी लाईन में लगकर अपने नम्बर आने का इन्तजार कई घंटों तक धूप में खड़े होकर करना पढ़ रहा है। किसानों का कहना है। जहां पूर्व में 12 घण्टे के अंदर फसल बेचकर हम अपने घर निकल जाते थे। वही इन दिनों नये नियम बनने से किसानों की संख्या कम होने के बाद भी दोगुने समय यानि की 24 घण्टें का समय लग रहा है। वही व्यापारियों का कहना है। कि पहले किसानों के पास विकल्प होता था। कि वह मंडी, व्यापारी, इलेक्ट्रॉनिक धर्म कांटे से तौल कर भी फसल बेच सकता था। किन्तु कोलारस मंडी में इन दिनों केबल इलेक्ट्रॉनिक धर्म कांटे से तौल कर ही फसल की खरीद हो पा रही है। जिसके चलते किसान का समय अधिक खर्च हो रहा है। वह कुछ किसान बजन बढ़ाने के लिये जैक एवं टूल वॉक्स में पत्थर तक ला रहे है। जिसके चलते कई किसानों की फसल पुन: तौलने पर कम निकल रही है। यह कुछ चंद वेईमान किसान ही कर रहे है। जिसके चलते किसानों की छवि एवं व्यापारियों को कम बजन के रूप में घाटा तथा किसान एवं व्यापारियों का समय दोगुना खर्च हो रहा है। इस संबंध में जब कोलारस मंडी सचिव से हमारे संबाददाता द्वारा प्रतिक्रिया जानना चाही तो मंडी सचिव उपलब्ध नहीं हुये। केवल मंडी गेट पर एक बर्दी वाला कर्मचारी पहली बार बर्दी में अवश्य दिखाई दिया।
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