कोरोना पर लगाम लगने तक बीमार, बच्चे, बुजुर्ग घर पर ही रहकर अपने आपको बच्चा सकते है-डाॅ.राजेश भार्गव
कोलारस - जिस प्रकार देश, प्रदेश से लेकर जिले में कोरोना के मरीज निकल रहे है। उससे यही अंदाजा लगाया जा सकता है। कि जिसको भी कोरोना के लक्षण नजर आयें। उसकी रिपोर्ट पाॅजिटिव यानि की कोरोना संक्रमित निकल रहा है। इसका मतलब साफ है। कि कोरोना से बचने के लिये आने वाले कई महिनों तक सभी को कोरोन्टाईन यानि की अपने आपको घर में ही कैद रखना पढ़ेगा। जो लोग व्यश्क एवं स्वस्थ्य है। उन्हें कोरोना निकलने पर भी खतरा कम रहता है। किन्तु 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग से लेकर गम्भीर बीमारी के मरीजों को कोरोना संक्रमित निकलने पर जान का खतरा अवश्य बना रहता है। कुल मिलाकर जब तक कोरोना महामारी पर लगाम नहीं लग जाती तब तक कोरोना से बचने के लिये घर पर ही रहकर इस महामारी से बचा जा सकता है। नोकरीपेशा एवं व्यवश्य करने वाले लोगो के सामने घर से बाहर निकलने तथा काम का दबाब रहता है। उन लोगो की मजबूरी है। किन्तु जो लोग बीमार है। अथवा अनावश्यक भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में जाते है। उन्हंे कोरोना संक्रमण का डर बना रहता है। अभी तक शिवपुरी जिले में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या 2 हजार के पास जा पहंुची है। अच्छी खबर यह कि मृतक मरीजों का आंकड़ा डे़ड दर्जन के आस-पास तक है। कोरोना संक्रमित से मरने वाले मरीजों का रिकाॅर्ड खंगाला जाये तो मरने वाले मरीजों में ज्यादातर मरीज अन्य गम्भीर बीमारियों के शिकार थे। मृतक मरीजों के आंकड़े भले ही कम हो किन्तु पूर्व से अन्य बीमारियों के शिकार मरीजों को दीर्घायु प्राप्त करने के लिये कोरोना संक्रमण के रूकने तक अपने आपको घर पर ही कोरोन्टाईन यानि की एकांत में समय व्यतीत करना लाभप्रद होगा। प्रेस विज्ञाप्ति में डाॅ. राजेश भार्गव ने कोरोना संक्रमण से सभी लोगो को बचने के लिये सुझाव दिये।