पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पंजाब कांग्रेस में चल रही कलह के बीच शनिवार को पंजाब के विधायकों की मीटिंग बुलाई गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने समर्थक विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक की। इसके बाद राजभवन पहुंचे और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। वहीं सूत्रों के अनुसार, वे पार्टी को भी जल्द ही अलविदा कह सकते हैं। उनके बेटे रणइंदर सिंह ने ट्वीट कर कैप्टन के इस्तीफे की पुष्टि की।
राज्यपाल ने स्वीकार किया इस्तीफा
पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इससे पहले कैप्टन ने दिन में अपने मंत्रिपरिषद के साथ अपना इस्तीफा सौंपा था। एक लाइन के त्याग पत्र में कैप्टन ने लिखा था कि मैं मुख्यमंत्री और अपने मंत्रिपरिषद के रूप में अपना इस्तीफा देता हूं। हालांकि राज्यपाल ने उन्हें (कैप्टन अमरिंदर सिंह) और उनकी मंत्रिपरिषद को नियमित कामकाज के लिए तब तक अपने पद पर बने रहने को कहा है जब तक कि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती।
हाईकमान ने सुनील जाखड़ को चेन्नई से चंडीगढ़ बुलाया
वहीं विधायक दल की बैठक के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को पार्टी हाईकमान ने चेन्नई से चंडीगढ़ बुला लिया है। कुछ देर पहले ही जाखड़ ने ट्वीट कर राहुल गांधी के पंजाब संबंधी फैसले का स्वागत किया था। हालांकि ट्वीट में उन्होंने फैसले के बारे में खुल कर कुछ नहीं लिखा।
सिद्धू के नाम का करूंगा विरोध: कैप्टन अमरिंदर सिंह
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को अस्थिर आदमी बताया। कैप्टन ने कहा कि सिद्धू एक आपदा है। सीएम पद के लिए सिद्धू के नाम का मैं विरोध करूंगा। कैप्टन ने सिद्धू की काबिलियत पर सवाल खड़ा किया और कहा कि जो एक मंत्रालय नहीं चला सकता, वह राज्य क्या संभालेगा। कैप्टन ने आगे कहा कि देश के खातिर, मैं पंजाब के सीएम पद के लिए नवजोत सिंह सिद्धू के नाम का विरोध करूंगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान उनके दोस्त हैं। सिद्धू के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ संबंध हैं।