म.प्र. पंचायत चुनाव को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में गुरूवार को होगी सुनवाई, चुनाव होने की स्थिति में जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण शनिवार को

मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यप्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट को गुरूवार 16 दिसम्बर को दोबारा सुनवाई करने के लिये कहा है 5वीं सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया इससे पहल 7, 11, 13, 14 दिसम्बर को सुनवाई टलती रही थी सैयद जाफर और जया ठाकुर ने मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव में सरकार द्वारा रोटेशन के आधार पर आरक्षण न करने के खिलाफ रिट पिटीशन दायर की थी पैरवी अधिवक्ता वरूण ठाकुर ने की मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम फैसला सुना दिया है, आज हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर हाईकोर्ट को दोबारा से पूरे मामले पर सुनवाई करने के निर्देश दिए है, अब हाईकोर्ट में 16 दिसंबर को सुनवाई होगी. बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. लेकिन अब फिर से इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। 

16 दिसंबर को होगी सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट ने पांचवीं बार में सुनवाई की और कांग्रेस नेता सैयद जाफर और जया ठाकुर की तरफ से पंचायत चुनाव को लेकर दायर की रिट पिटीशन याचिका पर सुनवाई की, दोनों ने मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव में सरकार द्वारा रोटेशन के आधार पर आरक्षण न करने के खिलाफ रिट पिटीशन दायर की थी. इस याचिका की पैरवी अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने की थी।

सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट को दिया निर्देश 

पंचायत को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, सुनवाई के दौरान सभी दलीलें सुनने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट इस याचिका को हाईकोर्ट में दाखिल बाकी याचिकाओं के साथ मर्ज करते हुए हाईकोर्ट को पंचायत चुनावों से जुड़ी सभी याचिकाओं पर सुनवाई करने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने इसे मानते हुए सभी याचिकाओं पर गुरूवार को सुनवाई तय कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के व्ठब् का कोटा बढ़ाने के खिलाफ दायर याचिका के साथ ही मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव में रोटेशन का पालन नहीं करने वाली याचिका को मर्ज कर दिया है. यानि अब पंचायत चुनाव से जुड़ी सभी याचिकाओं की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी।

कांग्रेस नेता ने कही यह बात वहीं सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन याचिका दायर करने वाले कांग्रेस नेता सैय्यद जफर ने कहा कि हम सीएम शिवराज से इस बात की मांग करते हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए ग्राम पंचायत चुनाव में भी रोटेशन का नियम लागू करें.  2014 के आरक्षण को निरस्त करते हुए 2022 में होने वाले पंचायत चुनाव में रोटेशन का पालन करें. क्योंकि इस बात को सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि मध्य प्रदेश सरकार का ऑर्डिनेंस संविधान के खिलाफ था. इसलिए अब नए सिरे से आरक्षण किया जाए बता दें कि शिवराज सरकार ने 2014 के आरक्षण के आधार पर पंचायत चुनाव कराने का फैसला लिया है, जिसेक विरोध में कांग्रेस हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी. पहले हाईकोर्ट में जब सुनवाई हुई थी, तब कोर्ट ने पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भी रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 

18 दिसंबर को होगा जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण 

वहीं 18 दिसंबर को अब  जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण होगा. पंचायती राज के संचालक आलोक कुमार सिंह के अनुसार मध्यप्रदेश पंचायत राज स्वराज अधिनियम की धारा 32 और मध्यप्रदेश पंचायत (उप सरपंच, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष) निर्वाचन अधिनियम 1995 के अनुसार अध्यक्ष जिला पंचायत पदो के आरक्षण की कार्रवाई अब 18 दिसंबर को होगी. पूर्व में यह मंगलवार 14 दिसंबर को होने वाली थी. पंचायती राज के संचालक ने इस संदर्भ में जिलाधिकारियों और पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के लिए आदेश भी जारी कर दिया है।


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