दतिया - दतिया शहर ने शनिवार को अपने एक बहादुर सपूत को भारी मन से अंतिम विदाई दी। देश की सेवा में समर्पित 41 वर्षीय आर्मी अधिकारी मेजर अमनदीप सिंह का राजस्थान के सूरजगढ़ में ड्यूटी के दौरान अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। इस दुखद समाचार के बाद न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार को जब मेजर अमनदीप सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ दतिया पहुंचा, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। शहरवासियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। हर आंख नम थी और हर दिल में गर्व के साथ गहरा दुख साफ झलक रहा था।
उनका पार्थिव शरीर घर लाया गया, जहां से अंतिम यात्रा निकाली गई। यह यात्रा हाईवे मार्ग से होते हुए सखी बाबा मुक्तिधाम तक पहुंची। रास्ते भर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। “भारत माता की जय” और “अमर रहे” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने मेजर अमनदीप सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह सम्मान उनकी वीरता, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण को सलाम करने का प्रतीक रहा। उनकी बटालियन के जवानों ने पूरी सैन्य गरिमा के साथ अंतिम सलामी दी। इस भावुक क्षण में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम को सम्मानजनक और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मेजर अमनदीप सिंह दतिया के रेलवे स्टेशन रोड स्थित गोविंद धर्मशाला के पास के निवासी थे। उनका परिवार लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता कैप्टन गुरदीप सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यह परिवार देशभक्ति और समर्पण की मिसाल रहा है। मेजर अमनदीप सिंह के आकस्मिक निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, दतिया शहर ने भी अपने एक जांबाज सपूत को खो दिया है।