शिवपुरी सिस्टम की मनमानी के खिलाफ किसानों ने खोला मोर्चा, 22 को कलेक्ट्रेट का घेराव - Shivpuri


अल्टीमेटम 3 दिन में खाद की किल्लत और उपार्जन की समस्याएं दूर नहीं हुईं तो होगा उग्र आंदोलन, बिजली घर की तालाबंदी की भी चेतावनी

शिवपुरी - जिले में खाद की किल्लत, ई-उपार्जन में आ रही तकनीकी दिक्कतों और बिजली की समस्याओं को लेकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धुपुर) और संयुक्त किसान मोर्चा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। आगामी 22 अप्रैल को बड़ी संख्या में किसान शिवपुरी कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे और प्रशासन को व्यवस्था सुधारने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम देंगे।

इन समस्याओं से जूझ रहा है अन्नदाता

किसानों का आरोप है कि ई-उपार्जन पोर्टल पर सर्वर डाउन रहने और स्लॉट बुकिंग के मैसेज न आने से उनकी फसल की तुलाई नहीं हो पा रही है। इसके अलावा:
 सैटेलाइट सत्यापन इसके नाम पर किसानों को गुमराह किया जा रहा है।
 अवैध वसूली ,,उपार्जन केंद्रों पर किसानों से अवैध वसूली और अच्छे माल को रिजेक्ट करने के मामले सामने आ रहे हैं।

 खाद का संकट: ई-टोकन जारी न होने से किसान परेशान हैं। जो टोकन मिल रहे हैं, उनमें प्रति बीघा खाद की मात्रा बेहद कम है। किसानों का कहना है कि इतनी कम खाद से फसल बर्बाद हो जाएगी।

 कोलारस से शुरू होगा 'न्याय मार्च'
आंदोलन की रूपरेखा के अनुसार, कोलारस क्षेत्र के किसान सुबह 10:00 बजे मानीपुरा स्थित बिजली कंपनी कार्यालय और 11:00 बजे पड़ौरा चौराहे पर एकत्रित होंगे। यहां से सभी किसान अपने वाहनों के काफिले के साथ शिवपुरी कलेक्ट्रेट के लिए कूच करेंगे। जिले के अन्य क्षेत्रों के किसानों को दोपहर 12:00 बजे सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचने का आह्वान किया गया है।
 बिजली समस्या: देहरदा और रिजौदा के किसानों की तालाबंदी की चेतावनी सिर्फ खाद-बीज ही नहीं, बिजली भी एक बड़ी समस्या।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म