पिछोर विधायक द्वारा करैरा एसडीओपी पर दिए गए बयान के बाद आम लोगों में दिखी नाराजगी - Shivpuri


शिवपुरी जिले की राजनीति में सोमवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में विधायक ने करेरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ को खुली चुनौती देते हुए तीखे सवाल उठाए, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। वायरल वीडियो में विधायक प्रीतम लोधी कहते नजर आ रहे हैं, “करेरा क्या तुम्हारे डैडी का है?” उन्होंने अपने बेटे दिनेश लोधी को लेकर भी बड़ा एलान करते हुए कहा कि उनका बेटा करेरा जाएगा और वहीं से चुनाव भी लड़ेगा। इस बयान के सामने आने के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को धमकी दी है। साथ ही कहा है कि करैरा तुम्हारे डैडी की नहीं है। विधायक अधिकारी पर इसलिए तिलमिला गए हैं कि थार कांड वाले उनके बेटे दिनेश लोधी से एसडीओपी आयुष जाखड़ ने पूछताछ की थी साथ ही कथित रूप से उन्होंने दिनेश लोधी को कहा था कि अब करैरा में दिख मत जाना। इसी बात को लेकर प्रीतम लोधी भन्ना गए हैं।
थार से पांच लोगों को कुचला था दिनेश लोधी
दरअसल, शिवपुरी जिले के करैरा में विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने पांच लोगों को थार के कुचल दिया था। थार से कुचलने के बाद उल्टे वह लोगों को चमका रहा था। पुलिस ने पहले तो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन मीडिया में खबरें आने के बाद प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

एसडीओपी ने की पूछताछ
वहीं, घटना के बाद रविवार को दिनेश लोधी को करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ ने पूछताछ के लिए बुलाया। आयुष जाखड़ आईपीएस अधिकारी हैं। वहीं, आयुष जाखड़ 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। कथित रूप से यह कहा जा रहा है कि पूछताछ के दौरान एसडीओपी ने विधायक के बेटे को चमकाया है। साथ ही कहा है कि तुम अब करैरा में दिख मत जाना।
मेरे बेटे से मामूली एक्सीडेंट हुआ है। मगर उसे हाइलाइट कर दिया है। मामले का कांग्रेसीकरण हो गया। एसडीओपी महोदय से मैं कहना चाहता हूं कि तुम मेरा इतिहास देख लेना।

अपनी औकात में रहो
बीजेपी विधायक ने कहा कि मैं एसडीओपी महोदय से कहना चाहूंगा कि अपनी औकात में रहो। मैं भी कानून जानता हूं। पहले कई एक्सीडेंट हुए हैं लेकिन उनमें क्या कार्रवाई हुई है।

क्या है मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें विधायक के बेटे दिनेश लोधी की थार गाड़ी से पांच लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि उनके लिए जनता परिवार से पहले है। हालांकि, घटना के दो दिन बाद जब दिनेश लोधी को करेरा एसडीओपी के सामने पेश किया गया, तो मामला नया मोड़ लेता नजर आया। सूत्रों के मुताबिक, पेशी के दौरान एसडीओपी आयुष जाखड़ ने दिनेश को सख्त चेतावनी देते हुए आगे करेरा में नजर न आने की बात कही। इसी कथित चेतावनी के बाद विधायक का रुख आक्रामक हो गया।

विधायक ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक गरीब महिला की ट्रक से कुचलकर मौत के मामले में एसडीओपी मौके पर नहीं पहुंचे, जबकि उनके बेटे के “मामूली एक्सीडेंट” को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस वहीं सक्रिय होती है, जहां उसे फायदा दिखाई देता है। इसके अलावा विधायक ने आरोप लगाया कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और इसे “कांग्रेसीकरण” कर अनावश्यक रूप से उछाला गया है। उन्होंने पुलिस को कानून के दायरे में काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें भी कानून की पूरी जानकारी है।

विधायक ने करेरा क्षेत्र में लंबित मामलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई पुराने हादसे अब तक जांच के इंतजार में हैं, जिनकी जानकारी वे स्वयं जुटाएंगे। विधायक के इस बयान के बाद प्रशासन और राजनीति दोनों ही मोर्चों पर हलचल तेज हो गई है। फिलहाल पुलिस विभाग ने इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।


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