विधायक भारती को कोर्ट से सुनाई तीन साल की सजा, क्या है घोटाले की कहानी? - MP News



मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा हुई है। इस खबर के बाद सियासी गलियारों में विधायक भारती को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है। मिली जानकारी के अनुसारए बुधवार को दिल्ली की विशेष एमपी.एमएलए कोर्ट के द्वारा विधायक भारती को दोषी करार दिया गया था और आज गुरूवार को सजा सुनाई गई है।


राजेंद्र भारती को दिल्ली की विशेष एमपी.एमएलए कोर्ट ने फिक्स्ड डिपॉजिट , एफडीद्ध घोटाले के मामले में दोषी करार देते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया है। कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420 ;धोखाधड़ीद्ध के तहत दोषी पाया। करीब 25 साल पुराने घोटाले के इस मामले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती और बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को बैंक के साथ धोखाधड़ीए कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी पाया है। 


क्या था पूरा मामला -

यह सजा दिल्ली की विशेष एमपी.एमएलए कोर्ट ने फिक्स्ड डिपॉजिट ;एफडीद्ध घोटाले से जुड़े मामले में सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पाए जाने के बाद यह फैसला दिया। यह मामला कई वर्षों से चर्चा में था। इस केस में कोर्ट ने बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी माना है। अब दोनों धोखाधड़ीए कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में फंस चुके हैं।


इस घोटाले की कहानी 24 अगस्त 1998 से शुरू होती हैए जब राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम ने जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंकए दतिया में 10 लाख रुपये की एफडी कराईं थी। यह एफडी 13ण्50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर की गई थी। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे। वहीं श्याम सुंदर श्याम जनसहयोग एवं सामुदायिक विकास संस्थान से जुड़े हुए थेए जिससे दोनों का प्रत्यक्ष लाभ जुड़ा हुआ प्रतीत होता है।


अभियोजन के अनुसारए उस समय राजेंद्र भारती ने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी का जाल बिछाया। इस कार्य में बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति ने भी उनका साथ दिया। एफडी और जमा पर्ची में काट.छांट कर एफडी की अवधि को पहले 10 वर्ष और फिर 15 वर्ष तक बढ़ा दिया गया। इसका मकसद स्पष्ट था कि उनकी मां और संबंधित संस्था को लंबे समय तक ब्याज का लाभ मिल सके।

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