मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ने से बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है सामान्य तौर पर 15 जून तक प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून इस बार 21 जून तक नहीं पहुंच पाया है।
नतीजतन जून में बारिश का आंकड़ा लगातार गिर रहा है और किसान भी बुवाई को लेकर असमंजस में हैं हालांकि, प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने से बारिश का दौर जारी है रविवार को भोपाल, रायसेन, इंदौर, श्योपुर और धार समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई भोपाल के कोलार क्षेत्र में तेज बारिश हुई, जबकि रायसेन में कुछ इलाकों में सड़कों पर करीब दो फीट तक पानी भर गया दूसरी ओर शाजापुर सहित कई जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान चिंतित नजर आए।
45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में
मानसून की देरी का असर पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है जून महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में स्थिति और ज्यादा खराब है, जहां बारिश की कमी 65 प्रतिशत तक पहुंच गई है प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।